आजकल ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि गाड़ी की बैटरी 3 से 4 साल में खराब हो ही जाती है और उसे बदलना पड़ता है. लेकिन सच यह है कि अगर बैटरी की सही तरीके से देखभाल की जाए तो उसकी उम्र काफी बढ़ाई जा सकती है. छोटी-छोटी लापरवाहियां बैटरी को जल्दी कमजोर कर देती हैं, जबकि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी गाड़ी की बैटरी को 7 से 8 साल तक भी अच्छे से चला सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर बैटरी की जांच और सही मेंटेनेंस की जाए. 

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बैटरी के पानी का ध्यान रखें

सबसे पहली और जरूरी बात बैटरी के पानी का ध्यान रखना है. हर तीन महीने में गाड़ी का बोनट खोलकर बैटरी का डिस्टिल्ड वॉटर जरूर चेक करें. अगर पानी कम हो जाता है तो बैटरी अंदर से गर्म होकर खराब होने लगती है. समय पर पानी भरवाने से बैटरी की परफॉर्मेंस बनी रहती है और उसकी लाइफ लंबी होती है.

टर्मिनल्स की सफाई

दूसरी अहम बात बैटरी के टर्मिनल्स की सफाई है. कई बार बैटरी के टर्मिनल्स पर सफेद या नीले रंग की काई जम जाती है, जिससे करंट का फ्लो कमजोर हो जाता है और गाड़ी स्टार्ट होने में परेशानी आने लगती है. ऐसे में थोड़ा गर्म पानी डालकर उस काई को साफ किया जा सकता है. टर्मिनल्स साफ रहने से बैटरी का कनेक्शन मजबूत बना रहता है.

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स्टार्ट करते समय रखें सावधानी

इसके अलावा गाड़ी स्टार्ट करते समय भी सावधानी रखना जरूरी है. इंजन स्टार्ट करने से पहले एसी, हेडलाइट, म्यूजिक सिस्टम या दूसरी इलेक्ट्रिक चीजें ऑन नहीं करनी चाहिए. क्योंकि स्टार्टिंग के समय बैटरी पर पहले से ही ज्यादा दबाव होता है. अगर बाकी चीजें भी चालू होंगी तो बैटरी जल्दी कमजोर होने लगेगी. इसलिए पहले इंजन स्टार्ट करें और उसके बाद बाकी इलेक्ट्रिक आइटम्स ऑन करें.

ये सब चीजें होनी चाहिए बंद

इसी तरह गाड़ी बंद करते समय भी ध्यान रखें कि एसी, ब्लोअर, लाइट्स और म्यूजिक सिस्टम पूरी तरह बंद हों. अगर ये चीजें चालू रह जाती हैं तो अगली बार गाड़ी स्टार्ट करते समय बैटरी पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है. यह आदत धीरे-धीरे बैटरी की क्षमता को कम कर देती है.

कंपनी के इलेक्ट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल

आजकल कई लोग गाड़ी में बाहर से हैवी लाइट्स, बड़े हॉर्न, सब-वूफर और एम्पलीफायर लगवा लेते हैं. ये हाई लोड वाले इलेक्ट्रिक आइटम्स बैटरी पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालते हैं. इससे बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने लगती है और उसकी उम्र कम हो जाती है. इसलिए हमेशा कंपनी की ओर से दिए गए इलेक्ट्रिक सिस्टम का ही इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है.

गाड़ी की सर्विसिंग के दौरान बैटरी टर्मिनल्स को टाइट करवाना भी बहुत जरूरी है. ढीले टर्मिनल्स की वजह से सही कनेक्शन नहीं बन पाता और बैटरी की परफॉर्मेंस प्रभावित होती है. इसके साथ ही टर्मिनल्स पर ग्रीस, पेट्रोलियम जेली या एंटी-कोरोशन कोटिंग करवाने से जंग और काई नहीं जमती, जिससे बैटरी लंबे समय तक सही तरीके से काम करती रहती है. 

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