बॉलीवुड से एक बेहद ही बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ अपनी लग्जरी कार BMW से गुजर रहे थे. इसी दौरान तीन अनजान लोगों ने उनकी कार पर अचानक गोलियां चला दीं. हालांकि सबसे बड़ी बात यह रही कि टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित बच गए. इस घटना के बाद से ही कई लोगों के दिमाग में यह सवाल आ रहा है कि आखिर जिस कार में टाइगर श्रॉफ सफर कर रहे थे वह कितनी ज्यादा सेफ थी.
ऐसा जब भी कोई हमला देखा जाता है तो गाड़ियों की बिल्ड क्वालिटी और सेफ्टी तकनीक को लेकर काफी बात होती है. BMW काफी सालों से अपनी गाड़ियों में सुरक्षा और मजबूती का खास ख्याल रखती हैं. लेकिन किसी भी कार को गोलियों या बम धमाकों से पूरी तरह बचाने के लिए उसे अलग से स्पेशल बुलेटप्रूफिंग की जरूरत होती है. तो चलिए जानतें हैं कि ये लग्जरी कारें कितनी मजबूत होती हैं और किसी कार को पूरी तरह बुलेटप्रूफ बनाने में आखिर कितना खर्चा आता है.
BMW कारें होती हैं कितनी सेफ?
अब सबसे पहले बात करते हैं कि BMW की गाड़ियां कितनी मजबूत होती हैं. तो बता दें कि BMW की लग्जरी कारें अपने बेजोड़ सेफ्टी सिस्टम और प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी के लिए जानी जाती हैं. क्योंकि इन गाड़ियों के ढांचे में हाई-स्ट्रेंथ स्टील, एल्युमिनियम और मजबूत कंपोजिट मैटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे कार किसी भी एक्सीडेंट या टक्कर के समय कार में बैठे लोगों को सेफ काफी हद तक सेफ रखता है.
वहीं इसके अलावा इनमें कई एडवांस्ड एयरबैग्स, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, क्रैश सेंसर्स और स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए जाते हैं. जिससे कंपनी की साधारण कमर्शियल गाड़ियां हादसों को आसानी से झेल लेती हैं. हालांकि सीधे गनफायर से बचने के लिए कार का स्पेशल आर्मर्ड होना जरूरी होता है.
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बुलेटप्रूफ बनाने में लगती है तकनीक
आपको बता दें कि कार जब भी बुलेटप्रूफ बनती है तो इसमें कई तकनीक का इस्तेमाल होता है. सबसे पहले गाड़ी के शीशों को हटाकर कई लेयर वाले मल्टी-लेयर बैलिस्टिक ग्लास लगाए जाते हैं. जिससे यह शीशे गोलियों की रफ्तार और अटैक को पूरी तरह खत्म कर देते हैं.
जबकि इसके साथ ही कार की बॉडी पैनल, दरवाजों, छत और फर्श में केवला, अरैमिड फाइबर और हाई-ग्रेड बैलिस्टिक स्टील की मजबूत परतें जोड़ी जाती हैं. गाड़ी के टायरों में रन-फ्लैट टेक्नोलॉजी वाले टायर्स लगाए जाते हैं. ये ऐसे स्पेशल टायर होते हैं जो गोली लगने या पूरी तरह पंचर होने के बाद भी कार को काफी दूरी तक सुरक्षित भगाने में मदद करते हैं.
कितना आता है खर्च?
अगर आप भी कोई बुलेटप्रूफ मॉडिफाई कराना चाहते हैं तो इसका खर्च सेफ्टी के हिसाब से आता है. अपने देश में बेसिक लेवल की बुलेटप्रूफिंग का शुरुआती खर्च लगभग 25 लाख से 40 लाख रुपये तक आता है. यह लेवल छोटे हथियारों और पिस्टल की गोलियों से सुरक्षा देता है.
वहीं अगर आप AK-47 जैसी असॉल्ट राइफल और ग्रेनेड धमाकों से बचने के लिए हाई-लेवल की सुरक्षा चाहते हैं. तो इसमें 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा का खर्च आ सकता है. यह काम केवल सर्टिफाइड सिक्योरिटी एजेंसियां ही करती हैं.
BMW की कितनी पड़ती है कीमत?
बता दें कि आफ्टरमार्केट मॉडिफिकेशन के अलावा BMW खुद भी अपनी सुरक्षा सीरीज के तहत फैक्ट्री-फिटेड बुलेटप्रूफ गाड़ियां बनाती है. जैसे BMW 7 Series Protection या X5 Protection VR6 मॉडल. ये गाड़ियां बाहर से देखने में एकदम सामान्य लग्जरी कार जैसी लगती हैं. लेकिन अंदर से किसी मजबूत किले से कम नहीं होती हैं.
क्योंकि इनमें फैक्ट्री से ही VR6 या VR9 लेवल की बैलिस्टिक सुरक्षा दी जाती है. ये गाड़ियां गोलियों के साथ-साथ बारूदी धमाकों को भी आसानी से मात दे सकती हैं. भारत में ऐसी कंपनी-फिटेड आर्मर्ड कारों की कुल कीमत टैक्स मिलाकर लगभग 10 करोड़ से 15 करोड़ रुपये के बीच होती है.
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