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व्यालोक पाठक
व्यालोक जेएनयू और आइआइएमसी से पढ़े हैं. विभिन्न मीडिया संस्थानों जैसे ईटीवी, दैनिक भास्कर, बीबीसी आदि में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव. फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता और अनुवाद करते हैं.

टॉप स्टोरीज फ्रॉम ऑथर

"साबरमती रिपोर्ट" को खारिज करना वैचारिक बेईमानी, फिल्मों पर एक ही विचारधारा थोपना नहीं ठीक
वैश्विक मंच पर देश की बेइज्जती कराकर भी नहीं सुधर रहे ट्रूडो, भारत ने बताई हैसियत
देश में क्यों बन गयी है "सेकुलरिज्म" या "प्रगतिशीलता" मजाक की वस्तु, बुद्धिजीवी क्यों हैं हास्यास्पद?
योगी आदित्यनाथ पर खड़गे का बयान है भारत में धर्म और राजनीति के संबंध की गलत व्याख्या
'बंटेंगे तो कटेंगे' से काटकर 'तुम्हारी ही जमीन में गाड़ देंगे', भाजपा की है होमटर्फ पर वापसी
भारत में कभी पटाखों पर बैन तो कभी पर्यावरण का ज्ञान, हरेक हिंदू त्योहार ही क्यों गुजरे सूक्ष्मदर्शी के नीचे?
कांग्रेस का हरियाणा चुनाव के नतीजों के बाद व्यावहारिक फैसला, गठबंधन बढ़ाओ किसी तरह सत्ता पाओ
अमेरिका के साथ भारत का रिश्ता कभी नरम कभी गरम, एक तरफ वांटेड की लिस्ट तो दूसरी तरफ ड्रोन की खरीद
Opinion: बहराइच में हुई हत्या को किसी भी बहाने नहीं ठहरा सकते जायज, गंभीरता से सोचने की जरूरत
भारत में सेकुलरिज्म के नाम पर होता आया है हिंदू-विरोध और दमन, नहीं बदले हालात तो होगी मुश्किल
मालदीव पर कसी नकेल तो पाकिस्तान को नहीं डाली घास, भारतीय विदेश नीति का ये दौर है खास
अमेरिका का धार्मिक स्वतंत्रता पर भारत को ज्ञान देने का नहीं है नैतिक अधिकार, संभाले अपना घर
भारतीय विदेश नीति हो रही दिन पर दिन और प्रखर.. इसके पीछे कारण हैं एस जयशंकर
देश ही नहीं विदेशों में भी छोड़ रही है वंदे भारत ट्रेनें अपनी छाप, बढ़ रही है चौतरफा डिमांड
चीन रोड़े अटकाने के लिए चाहे लगा ले जितना जोर, नहीं रोक पाएगा UN में भारत की स्थायी सदस्यता
तिरुपति के लड्डुओं में मिलावट है हिंदू आस्था से खिलवाड़, दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा
कभी "डिवाइडर इन चीफ" तो कभी "देश को एक करनेवाले अभूतपूर्व नेता" का तमगा, पीएम मोदी के हैं कई रंग
पुतिन की डोभाल से मुलाकात और PM मोदी का शांति प्रस्ताव, भारत की कूटनीति से खत्म हो सकता है यूक्रेन-रूस तनाव
पुतिन से लेकर मेलोनी तक भारत के हुए मुरीद, नयी विदेश नीति का है ये कमाल
हिंदी फिल्मों में ऐतिहासिक तथ्यों से घालमेल पुराना...आइसी 814 ही नहीं, कई हैं कतार में
पाकिस्तान-बांग्लादेश की चुनौती और रूस-अमेरिका मध्य संतुलन के बीच भारतीय विदेश नीति की धमक
राहुल गांधी पर ब्लिट्ज के खुलासे धमाकेदार, भारत में चर्चा तक नहीं होना बेहद आश्चर्य और चिंता का विषय
पड़ोस में खत्म होते लोकतंत्रों और अड़ियल शासकों के बीच भारत की विदेश नीति दिखा रही है दम
बांग्लादेश को भारत में दोहराने की बात करना संविधान का अपमान, सलमान खुर्शीद आदतन बड़बोले
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