Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की प्रत्येक वस्तु के लिए उचित स्थान का विशेष महत्व बताया गया है. इन्हीं वस्तुओं में से एक है झाड़ू, जिसे केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी और घर की समृद्धि से भी जोड़कर देखा जाता है.

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धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को सही दिशा में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, जबकि गलत स्थान पर रखने से आर्थिक परेशानियां और नकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है.भविष्यवक्ता एवं कुंडली विश्लेषक डा. अनीष व्यास के अनुसार, वास्तु शास्त्र में झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह रखने की सलाह दी जाती है, जहां वह सबकी नजर में न आए और उसका सम्मान बना रहे.

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किस दिशा में नहीं रखनी चाहिए झाड़ू?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में झाड़ू रखने से बचना चाहिए. ईशान कोण को भगवान शिव, देवताओं और सकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है. मान्यता है कि इस दिशा में झाड़ू रखने से घर की शुभ ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और आर्थिक उन्नति में बाधाएं आने की आशंका मानी जाती है.

झाड़ू रखने की सही दिशा क्या है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में झाड़ू रखना अधिक उपयुक्त माना जाता है. यदि संभव हो तो झाड़ू को अलमारी, स्टोर रूम या किसी ऐसे स्थान पर रखें, जहां वह खुली नजर में न रहे.

झाड़ू से जुड़े ये नियम भी माने जाते हैं शुभ

  • झाड़ू को हमेशा जमीन पर सीधा लिटाकर रखें.
  • झाड़ू को खड़ा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है.
  • मुख्य दरवाजे के ठीक सामने झाड़ू न रखें.
  • टूटी या बहुत पुरानी झाड़ू का लंबे समय तक उपयोग न करें.
  • झाड़ू पर पैर रखना या उसे अनादरपूर्वक फेंकना अशुभ माना जाता है.

कब खरीदें नई झाड़ू?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार, अमावस्या, दीपावली या किसी शुभ मुहूर्त में नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है. हालांकि, यह परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती है.

भविष्यवक्ता एवं कुंडली विश्लेषक डा. अनीष व्यास का कहना है कि वास्तु शास्त्र का उद्देश्य घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना है. झाड़ू रखने के नियम धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इनका पालन श्रद्धा के साथ किया जा सकता है, लेकिन आर्थिक सफलता के लिए मेहनत, सही योजना और वित्तीय अनुशासन भी उतने ही आवश्यक हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखने से बचने और दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखने की सलाह दी जाती है. साथ ही झाड़ू का सम्मान करना और उसे व्यवस्थित स्थान पर रखना शुभ माना जाता है. हालांकि, ये मान्यताएं पारंपरिक वास्तु सिद्धांतों पर आधारित हैं और इन्हें आस्था के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.