बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ढाका लौटने की योजना के बीच, भारत ने मंगलवार (14 जुलाई) को सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. हसीना (78) अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए सरकार विरोधी आंदोलन के बाद अपनी सरकार के पतन के बीच ढाका छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से भारत में रह रही हैं.

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'पीटीआई' की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते हसीना के करीबी सूत्रों ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री अपनी अवामी लीग पार्टी को फिर से सक्रिय करने के उद्देश्य से स्वेच्छा से ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'इस मामले पर हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई भी मामला कानूनी विषय है और उससे उसी के अनुरूप निपटा जाएगा.'

2024 बांग्लादेश की अदालत ने हसीना को दी थी मौत की सजा

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पिछले वर्ष नवंबर में ढाका की एक विशेष अदालत ने 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर सरकार की कथित बर्बर कार्रवाई को लेकर 'मानवता के विरुद्ध अपराध' के मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई थी.

फैसले के बाद से ही बांग्लादेश, शेख हसीना को कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भारत से उनके प्रत्यर्पण की लगातार मांग करता रहा है. वहीं, अवामी लीग की प्रचार उपसमिति के सदस्य काजी नसीम रुपक ने शुक्रवार को कहा, 'हम सभी अपनी नेता का स्वागत करने के लिए तैयार हैं.'

बता दें कि बांग्लादेश ने शेख हसीना की वापसी के प्लान का स्वागत किया है. ढाका ने कहा है कि शेख हसीना को खुद को निर्दोष साबित करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने हसीना के लिए कहा है कि वे दुनिया के सबसे अच्छे वकील को अपने साथ लेकर आएं.

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