Vastu: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार या दहलीज को अहम स्थान माना जाता है, क्योंकि इसी स्थान से घर पर ऊर्जा का प्रवेश होता है. इसलिए धर्म शास्त्रों से लेकर वास्तु शास्त्र में भी दहलीज को हमेशा साफ-सुथरा रखने की सलाह दी जाती है.
दहलीज पर नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने से घर पर बिना वजह परेशानियों का अंबार लग जाता है, कलह-क्लेश बढ़ने लगते हैं, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है. कई बार लोग इन परेशानियों का कारण तक समझ नहीं पाते हैं. अगर आपके घर में पहले जैसी खुशियां, मेल-मिलाप, शांति और सकारात्मक ऊर्जा गायब हो गई है, तो वास्तु में घर के मुख्य द्वार के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. इन उपायों को अपनाकर आप अपने घर की खुशियों को फिर से वापस ला सकते हैं.
सबसे पहले करें ये काम
वास्तु विशेषज्ञ नितिका शर्मा के अनुसार, आप अपने घर के भीतर साफ-सफाई, रख-रखाव और सजावट पर जितना ध्यान देते हैं, उसी तरह घर के मुख्य द्वार की देखरेख भी जरूरी है. इसलिए नियमित रूप से मुख्य द्वार की सफाई करें. अगर मुख्य द्वार का स्थान टूटा-फूटा हो, मुख्य द्वार की गेट अगर लोहे की हो और जंग लग गया हो तो उसे तुरंत ठीक कराएं, लकड़ी का दरवाजा हो और टूटा-फूटा हो तो उसकी भी मरम्मत कराएं, जूते-चप्पलों के ढेर को तुरंत हटाएं. यह स्थान यदि अशुद्ध या टूटा-फूटा हुआ तो नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है.
मुख्य द्वार के वास्तु उपाय (Home Entrance Vastu Remedies)
- दहलीज को बेकार की चीजों से न भरें. लेकिन मुख्य द्वार को पूरी तरह सूना भी नहीं रखना चाहिए. आप इसे फूल, तोरण आदि से सजा सकते हैं. चाहे तो शुभ चिह्न जैसे स्वास्तिक या शुभ-लाभ भी लिख सकते हैं. इससे सकारात्मकता बनी रहती है. मान्यता है कि दहलीज अगर पूरी तरह खाली हो तो सुख-समृद्धि का घर पर वास नहीं होता.
- वास्तु दोष को दूर करने के लिए पोटली का यह उपाय भी कर सकते हैं. इसके लिए एक लाल रंग का कपड़ा लें और उसमें 1 चम्मच नमक भरकर पोटली को घर के मुख्य द्वार के ऊपर कहीं टांग दें. नेगेटिव एनर्जी को नमक पूरी तरह से सोख लेता है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि, पोटली के नमक 15-20 दिनों में बदलते रहें और पुरानी पोटली के नमक को पानी में विसर्जित कर दें.
- वास्तु दोष या नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए प्रतिदिन सुबह के समय द्वार पर एक कलश में जल भरकर उसके ऊपर आम के पत्ते और फूल रखकर द्वार के दाईं तरफ रखें और शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं. यदि यह उपाय रोजाना करना संभव न हो तो, विशेष तिथियों जैसे एकादशी, पूर्णिमा, शुक्रवार जैसे दिनों में जरूर करें. इससे वास्तु दोष भी दूर होगा और मां लक्ष्मी आपके घर पर वास करेंगी.
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