Shukra Gochar 2026: 1 अगस्त 2026 को शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में प्रवेश करेंगे.पराशर ज्योतिष के अनुसार किसी भी ग्रह का नीच राशि में गोचर करना उस ग्रह की शक्ति के कमजोर होने का संकेत माना जाता है. ऐसे में शुक्र का कन्या राशि में गोचर मीन, तुला, सिंह और मेष राशि वालों के लिए संकट पैदा कर सकता है, इन राशियों को किन मामलों में सतर्क रहना होगा आइए जानते हैं.

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ग्रह के नीच राशि में गोचर करने पर क्या प्रभाव पड़ता है

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  • ग्रह से जुड़े कार्यों में अपेक्षा से कम सफलता मिल सकती है.
  • निर्णय लेने में भ्रम या विलंब हो सकता है.
  • मानसिक, आर्थिक या पारिवारिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं.
  • यदि ग्रह शुभ हो तो उसके शुभ फल कम हो जाते हैं, जबकि अशुभ ग्रह होने पर उसके कष्ट कुछ परिस्थितियों में बढ़ सकते हैं.

शुक्र गोचर 2026 किन राशियों के लिए अशुभ

मेष राशि - शुक्र का गोचर मेष राशि के छठे भाव में होगा, छठा भाव नौकरी, प्रतियोगिता, शत्रु और दैनिक कार्यों का भाव है. ऑफिस में कलीग के साथ ही कॉम्पीटिशन बढ़ सकता है,लक्ष्य पूरा करने की प्रेशर में सहकर्मियों के साथ तनाव बढ़ सकता है. पार्टनर को हर बात पर ताने न दें, ये रिश्तों में दरार ला सकते हैं. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें.

कन्या राशि - शुक्र कन्या राशि के लग्न् भाव में गोचर करेंगे. ऐसे में कार्यस्थल पर छोटी-छोटी गलतियों पर ध्यान जाएगा, विवाद को बढ़ाए नहीं क्रोध पर काबू रखें. पारिवारिक रिश्तों में छोटी बातों पर आलोचना या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें. कला, फैशन,, ब्यूटी के क्षेत्र में काम करने वालों को अपेक्षा से कम सफलता मिलने की संभावना है.

मीन राशि - शुक्र मीन राशि के सप्तम भाव में गोचकर करेंगे, जो दांपत्य जीवन, विवाह का प्रतिनिधित्व करता है. पार्टनर की बातों का गलत अर्थ निकालने या अधिक आलोचना करने से बचें, वरना विवाद बढ़ सकता है. पार्टनरशिप का बिजनेस घाटे में जा सकता है, नए निवेश से पहले शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें.

(FAQ)

FAQ 1. ज्योतिष में शुक्र के कमजोर होने का क्या संकेत माना जाता है?

उत्तर: शुक्र के कमजोर होने पर प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, सुख-सुविधाएं, विलासिता, भौतिक सुख, कला, सौंदर्य, वाहन और आर्थिक संतुलन से जुड़े मामलों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. हालांकि वास्तविक फल जन्मकुंडली और दशा पर भी निर्भर करते हैं.

FAQ 2. शुक्र के नीच राशि में गोचर के दौरान किन कामों में सावधानी रखनी चाहिए?

उत्तर: इस दौरान जल्दबाजी में निवेश करने, साझेदारी में नया कारोबार शुरू करने, रिश्तों में कटु भाषा बोलने और बिना जांचे किसी वित्तीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से बचना चाहिए. खर्चों पर नियंत्रण रखना भी लाभदायक माना जाता है.

FAQ 3. शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए क्या उपाय करें?

उत्तर: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें, "ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः" मंत्र का जाप करें, सफेद वस्तुओं का दान करें तथा महिलाओं का सम्मान और जीवनसाथी के साथ मधुर व्यवहार बनाए रखें.

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