Makar Sankranti 2026 Upay: मकर संक्रांति का त्योहार हिंदू पंचांग के सबसे शुभ त्योहारों की सूची में शामिल है, जिसे भारतवर्ष में अलग-अलग नामों से भक्ति, उल्लास और पारंपरिक रूप से मनाया जाता है. यह पर्व सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में संक्रमण का प्रतीक है, जो शीत ऋतु के खत्म होने और लंबे दिनों की शुरुआत का संकेत देता है.
सांस्कृतिक महत्व के अलावा मकर संक्रांति को आध्यात्मिक साधना, सेहत और सुख-समृद्धि के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है.
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति
हिंदू पंचांग और वैदिक ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक, साल 2026 में सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा. सूर्य के इसी गोचर को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है.
परंपरागत रूप से यह दिन पवित्र स्नान, दान, सेहत, समृद्धि और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का दिन है.
मकर संक्रांति पितृ दोष के लिए महत्व
जिन भी लोगों की कुंडली में दोष है, उनके लिए मकर संक्रांति के दिन का विशेष महत्व होता है. किसी भी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष होने से उसे व्यक्तिगत, व्यावसायिक और आध्यात्मिक जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन मकर संक्रांति के दिन कुछ खास अनुष्ठान करने से पितृ दोष से राहत मिल सकती है.
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सूर्य और भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और परंपरागत अनुष्ठान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और दोषों का प्रभाव कम होता है.
मकर संक्रांति 2026 के लिए ज्योतिष द्वारा सुझाए गए उपाय?
ज्योतिषाचार्य सुरेश श्रीमाली के अनुसार, इस दिन काले तिल और लाल फूलों से मिश्रित जल को सूर्य भगवान को अर्पित करने से दिवंगत पूर्वजों की आत्मा प्रसन्न होती है. इस अनुष्ठान को करते समय ऊं पितृ देवाय नमः: मंत्र का जाप करें.
गायों, कुत्तों और कौवों को खाना डालना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि, पूर्वज इन जीवों के जरिए भेंट स्वीकार करते हैं.
मकर संक्रांति के दिन शाम के समय अपने घर के दक्षिण कोने में पूर्वजों के नाम का दीपक जरूर जलाएं.
मकर संक्रांति के मौके पर किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यताओं के मुताबिक, ऐसा करने से पाप काटने के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.
मकर संक्रांति के दिन जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े या अन्य जरूरी वस्तुओं का दान करना से पुण्य बढ़ता है और पितृ दोष से राहत मिलती है.
मकर संक्रांति का आध्यात्मिक लाभ
मकर संक्रांति के दिन अनुष्ठानों को करने से ने केवल पितृ दोष का प्रभाव कम होता है, बल्कि पारिवारिक और प्रेम जीवन में रिश्ते मजबूत होते हैं. हर साल की तरह इस साल भी मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को जो न केवल फसल और खुशी का पर्व है, बल्कि आध्यात्मिक उपचार करने का सुनहरा अवसर भी है.
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