Mercury Retrograde October 2026: नौकरी के किसी प्रस्ताव पर जवाब देना हो, कारोबार का हिसाब निपटाना हो या परिवार में पैसों की बात करनी हो, 24 अक्टूबर से ऐसे मामलों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है.
ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, गणना और व्यापार के कारक माने जाने वाले बुध तुला राशि में वक्री होने जा रहे हैं. हालांकि इसका अर्थ यह नहीं कि सभी के काम बिगड़ेंगे या हर नया फैसला नुकसान देगा.
पंचांग के अनुसार बुध 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12:41 बजे वक्री होंगे और 13 नवंबर की रात 9:22 बजे मार्गी होंगे.
यह बदलाव अचानक नहीं होता. पृथ्वी से देखने पर बुध की स्थिति कुछ समय के लिए पीछे खिसकती दिखाई देती है, जिसे वक्री गति कहते हैं. ग्रह वास्तव में अपनी कक्षा में उलटा नहीं चलने लगता. ज्योतिषीय परंपरा में इस अवधि को बातचीत, दस्तावेजों और पुराने फैसलों की समीक्षा से जोड़ा जाता है.
मेष राशि: साझेदारी में अधूरी बात बढ़ा सकती है उलझन
मेष की चंद्र राशि से बुध सातवें भाव में वक्री होंगे. पारंपरिक व्याख्या में यह भाव विवाह, कारोबारी साझेदारी और समझौतों से जुड़ा है. इसलिए किसी साझेदार की बात का अर्थ निकालने से पहले स्थिति स्पष्ट करना उपयोगी रहेगा.
जीवनसाथी से पुरानी शिकायत पर फिर चर्चा हो सकती है. कारोबार में जिम्मेदारी, भुगतान और मुनाफे के बंटवारे को मौखिक सहमति पर छोड़ने से बचें. किसी पुराने विवाद को सुलझाने का अवसर मिले तो बातचीत बीच में न छोड़ें.
वृषभ राशि: काम की छोटी चूक पर बढ़ सकता है दबाव
वृषभ से तुला छठा भाव है. इस आधार पर नौकरी की दिनचर्या, हिसाब और लंबित मामलों में सावधानी की ज्योतिषीय सलाह बनती है. रिपोर्ट में गलत आंकड़ा, छूटा हुआ जवाब या भुगतान की गलत तारीख दोबारा काम करा सकती है.
दफ्तर में किसी टिप्पणी पर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया देने के बजाय उसका संदर्भ समझें. यह स्थिति नौकरी जाने की निश्चित भविष्यवाणी नहीं है. पुराने बकाये और अधूरे काम व्यवस्थित करने में यह समय उपयोगी भी माना जा सकता है.
कन्या राशि: पैसों से ज्यादा बोलचाल पर रखें ध्यान
कन्या के स्वामी बुध दूसरे भाव में वक्री होंगे. यह भाव बचत, परिवार और वाणी से संबंधित माना जाता है. इसलिए घर के खर्च या किसी आर्थिक जिम्मेदारी पर बातचीत करते समय शब्दों का चुनाव अहम रहेगा.
किसी पुरानी रकम के मिलने की उम्मीद हो तो उसे मिलने से पहले खर्च की योजना में शामिल न करें. खरीदारी में अंतिम कीमत, अतिरिक्त शुल्क और वापसी की शर्त पढ़ें. परिवार में व्यंग्य या अधूरी जानकारी के आधार पर कही गई बात विवाद बढ़ा सकती है.
वृश्चिक राशि: खर्च और कागजी प्रक्रिया में सावधानी
वृश्चिक की चंद्र राशि से बुध बारहवें भाव में वक्री होंगे. पारंपरिक गोचर व्याख्या में यह स्थिति खर्च, दूरस्थ संपर्क और पर्दे के पीछे चल रहे कामों की समीक्षा की ओर संकेत करती है.
यात्रा की बुकिंग, रिफंड, सदस्यता शुल्क और विदेश से जुड़े दस्तावेज जांच लें. कोई आवेदन लंबित हो तो उसकी स्थिति पता करें. केवल अनुमान के आधार पर अगला भुगतान न करें. हर देरी को नुकसान समझ लेना भी सही नहीं होगा.
मीन राशि: साझा धन और पुराने हिसाब में जल्दबाजी न करें
मीन से बुध आठवें भाव में वक्री होंगे. ज्योतिषीय मान्यता में यह भाव साझा धन, गोपनीय जानकारी और जटिल आर्थिक मामलों से जुड़ा है. बीमा, टैक्स, ऋण या पारिवारिक संपत्ति के कागजों में अधूरी जानकारी पर सहमति देने से बचें.
जीवनसाथी के साथ आर्थिक जिम्मेदारियां स्पष्ट रखें. कोई पुराना हिसाब सामने आए तो संबंधित दस्तावेज देखकर ही निष्कर्ष निकालें. जरूरी आर्थिक निर्णय योग्य विशेषज्ञ की सलाह और वास्तविक शर्तों के आधार पर लें.
क्या बुध वक्री होने पर नए काम रोक देने चाहिए?
केवल बुध वक्री होने के कारण नौकरी जॉइन करना, खरीदारी करना या जरूरी समझौता रोक देना उचित निष्कर्ष नहीं है. शर्तें स्पष्ट हों और जानकारी पूरी हो तो निर्णय वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर लिया जाना चाहिए.
ये संकेत चंद्र राशि से तुला के भाव और बुध के पारंपरिक कारकत्व पर आधारित सामान्य ज्योतिषीय व्याख्या हैं. वक्री बुध हर कुंडली में अशुभ नहीं माने जाते. जन्मकुंडली, दशा और दूसरे ग्रहों की स्थिति से फल बदल सकता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
