Budh Asta 2026: वैदिक ज्योतिष में जब कोई ग्रह सूर्य के सबसे समीप आ जाता है, तो उसे 'अस्त' या Combust कहा जाता है. इस स्थिति में उस ग्रह की ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है और वह अपने सामान्य प्रभावों को पूरी तरह से दे नहीं पाता.

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ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार,  1 मई 2026, शुक्रवार के दिन बुध (Mercury) मेष राशि में अस्त हो रहे हैं. बुध जिसका संबंध बुद्धि, संवाद, व्यापार, तकनीक और निर्णय क्षमता से है, जबकि मेष राशि का संबंध अग्नि तत्व से है, जो तेज और आवेगपूर्ण राशि है. 

बुध अस्त काल 23 मई 2026, शनिवार को रात 8 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगा. इस दौरान बुध कुल 27 दिनों तक मेष राशि में अस्त रहेगा.

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बुध का मेष राशि में अस्त होना क्या संकेत देता है?

बुध का मेष राशि में अस्त होना इस बात की ओर इशारा करता है कि, तार्किक सोच और धैर्यपूर्ण फैसले लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो ऊर्जा, आक्रामकता और जल्दबाजी का प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में जब बुध ग्रह मेष राशि में अस्त होात है, तो यह व्यक्ति और समाज दोनों पर अपना विशेष प्रभाव दिखाता है.

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बुध अस्त का देश-दुनिया पर प्रभाव

कम्युनिकेशन और मीडिया में गड़बड़ीज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के मुताबिक, बुध संचार का ग्रह है, इसलिए इसके अस्त होने पर मीडिया, इंटरनेट, तकनीकी प्लेटफॉर्म और कम्युनिकेशन सिस्टम में खराबी या भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. गलत या भ्रमक जानकारी फैलने की आशंका रहती है. 

व्यापार और बाजार पर प्रभावबुध अस्त के कारण शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और बिजनेस में निर्णयों में अस्थिरता देखी जा सकती है. निवेशकों द्वारा जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान की बड़ी वजह बन सकते हैं. वैश्विक स्तर पर बिजनेस में भी असमंजस और उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. 

अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनावमेष राशि की आक्रामक प्रकृति के कारण देशों के बीच बातचीत में तनाव की स्थिति देखने को मिल सकती है. कूटनीतिक स्तर पर गलतफहमियां या जल्दबाजी में लिए गए फैसले संबंधों को बिगाड़ सकती है. 

तकनीकी क्षेत्र में रुकावटबुध अस्त होने पर इसका असर आईटी सेक्टर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ट्रांसपोर्ट में अचनाक से रुकावटें या तकनीकी गड़बड़ियां सामने आ सकती है. यह समय नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने के बजाय पुराने कामों की व्यवस्थित रूप से समीक्षा करने की जरूरत है.

बुध अस्त का आम लोगों के जीवन पर असरबुध अस्त अवधि के दौरान आमजन को अपने शब्दों और फैसलों पर खास नियंत्रण रखने की जरूरत होती है. जल्दबाजी में बोले गए शब्द या फैसले रिश्तों में तनाव का बड़ा कारण बन सकती है.

छात्रों और प्रोफेशनल्स को ध्यान केंद्रित करने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है. यात्रा के दौरान देरी या योजनाओं में बदलाव संभव है.

बुध अस्त के दौरान क्या करें और क्या न करें?

  • महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले दो बार सोचें. 
  • किसी भी तरह की जानकारी शेयर करने से पहले अच्छी तरह से जांच कर लें. 
  • विवादों से दूर रहे और शांत रहने की कोशिश करें. 
  • पुराने कार्यों को सुधारने के साथ योजनाओं की समीक्षा करने पर ध्यान केंद्रित करें.

मेष राशि में बुध का अस्त होना एक ऐसी ज्योतिषीय घटना है, जो व्यक्ति से लेकर वैश्विक स्तर कर अपना असर दिखाती है. हालांकि इसका असर स्थायी नहीं होता, लेकिन इस दौरान सतर्कता औऱ समझदारी से काम लेना बेहद जरूरी है. सही नजरिया अपनाकर इसे समय को नुकसान के बजाय सुधार और आत्मनिरीक्षण के सुनहरे अवसर में बदला जा सकता है. 

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.