Shani ki Saya, Shani dev Effect: ज्योतिष में शनि ग्रह को क्रूर ग्रह माना जाता है. ये लोगों को उनके कर्मो के अनुसार फल देते है. इस लिए इन्हें कर्म फलदाता भी कहा जाता है. इन्हें कलयुग का दंडाधिकारी भी कहते हैं. मान्यता है कि जिस पर शनि देव प्रसन्न रहते हैं. उनका जीवन खुशियों से भर जाता है लेकिन जिन पर शनि की साया होती है, उन्हें अनेक कष्ट सहने पड़ते हैं.
पंचांग के अनुसार शनि देव मौजूदा समय में मकर राशि में वक्री अवस्था में संचरण कर रहें हैं. ये 23 अक्टूबर 2022 तक मकर राशि में ही वक्री अवस्था में रहेंगे. इनके वक्री अवस्था में होने से इन राशियों पर शनि देव की साया पड़ रही है. इनके प्रभाव से 3 राशियों पर शनि की साढ़े साती और 2 पर शनि की ढैय्या का प्रकोप रहेगा. पंचांग के अनुसार 23 अक्टूबर को शनि देव मार्गी होंगे.
इनराशियोंपरहैशनिकीसाढ़ेसाती
- कुंभ राशि
- धनु राशि
- मकर राशि
इनराशियोंपरहैशनिढैय्या
- मिथुन राशि
- तुला राशि
शनिकीसायाकाप्रभाव
मिथुनराशि (Gemini): शनि ढैय्या के प्रभाव से इन्हें कलह-क्लेश, तनाव और वाद-विवाद जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ेगा. खर्च भी बढ़ेंगे. वाहन चलाते समय दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है.
तुला (Libra): वक्री शनि के प्रभाव से तुला राशि वालों को मानसिक और शारीरिक कष्ट का भी सामना करना पड़ सकता है.
धनुराशि (Sagittarius): इन्हें धन हानि, पारिवारिक वाद-विवाद और मान-सम्मान की हानि हो सकती है.
कुंभराशि (Aquarius): मन बेचैन रह सकता है. सेहत ख़राब रह सकती है. धन के अनावश्यक खर्चों में वृद्धि होगी.
मकरराशि: मकर राशि में शनि वक्री हैं. इन पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. इससे इनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी. खर्चों में अनावश्यक वृद्धि हो सकती है.
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