Sawan Shanivar 2022 Special Sawan Saturday: हिंदू धार्मिक ग्रंथों में सावन का माह भगवान शिव को समर्पित बताया गया है. सावन माह में भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से भक्तों को विशेष पुण्य लाभ प्राप्त होता है. सावन सोमवार का दिन भी भगवान शिव की पूजा के लिए अति उत्तम दिन माना जाता है. ऐसे में सावन सोमवार का महत्त्व बहुत अधिक हो जाता है. सावन सोमवार के साथ-साथ सावन शनिवार भी विशेष महत्व रखता है.
सावन के शनिवार को संपत शनिवार कहते हैं. पंचांग के अनुसार, सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हो गया है. सावन का पहला शनिवार 16 जुलाई को है. शिव भक्तों को सावन शनिवार के दिन शनि देव की पुजा करनी चाहिए. शनि देव की पूजा से शनि देव का कुप्रभाव कम हो जाता है.
सावनकासोमवारहीनहींशनिवारभीहैखास
धार्मिक शास्त्रों में शनि देव को भगवान शिव का शिष्य एवं परम भक्त माना गया है. हिंदू धर्म ग्रंथों में ऐसा माना गया है कि सावन के महीने में शनि देव की पूजा से भक्तों को शनि के साथ –साथ भगवान शिव का भी आशीर्वाद मिलता है. इसके साथ ही भगवान शिव के भक्तों को शनि देव भी कुछ नहीं कहते. इसके अलावा हनुमान के भी भक्तों पर भी शनि अपनी बुरी नजर नहीं डालते. जहां सावन का महीना शिव को समर्पित है तो वहीं शनिवार का दिन हनुमान जी और शनि देव को समर्पित होता है. ऐसे में सावन के शनिवार को शनिदेव की पूजा का महत्व और बढ़ गया है. मान्यता है कि सावन शनिवार को व्रत रखने से शनि शांत रहते हैं तथा भक्त को आरोग्य और धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है.
सावनशनिवारकोकरेंयेखासउपाय
- एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल कर उसमें मध्यमा उंगली डुबोएं. अब शनि देव के इस मंत्र 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जाप करें. इसके बाद कटोरी सहित तेल को किसी जरूरतमंद गरीब परिवार को दान दे दें. यह ख़ास उपाय सावन के हर शनिवार को करें. इससे आपका अटका हुआ धन वापस मिल जाएगा.
- सावन के शनिवार को व्रत रखें और शिवलिंग पर सरसों के तेल से अभिषेक करें. इस उपाय से शनि का दुष्प्रभाव कम हो जाएगा.
- सावन के शनिवार को नीम की लकड़ी से हवन करें तथा उसमें 108 बार काले तिल की आहुति डालें. घर परिवार की आर्थिक तंगी हमेशा के लिए खत्म हो जायेगी.
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