Rahu Ke Prabhav: वैदिक ज्योतिष में राहु को एक बेहद क्रूर ग्रह माना गया है. कुंडली में राहु शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति रातों रात रंक से राजा बन जाता है. कुंडली में राहु ग्रह उच्च का हो तो उसे इसके बेहद अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं. राहु अपने मित्र ग्रहों के साथ ज्यादा बलवान होते हैं.


वहीं अशुभ फल मिलने से राजा से रंक बन जाता है. अगर कुंडली में राहु कमजोर है तो व्यक्ति हर कार्य में कष्ट उठाना पड़ता है. शास्त्रों के अनुसार राहु ग्रह भगवान भैरव देव का प्रतिनिधित्व करता है. वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु के अशुभ प्रभाव से जातकों को कई प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है. 



ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु और केतु के कारण कुंडली में काल सर्प दोष उत्पन्न होता है. इसका प्रभाव व्यक्ति को जीवन के हर स्तर पर उठाना पड़ता है. हालांकि राहु जातकों को शुभ और अशुभ दोनों ही परिणाम देता है. राहु ग्रह शांति के उपाय करने से जातकों को राहु दोष से मुक्ति मिलती है.आइए जानते हैं राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के उपायों के बारे में.


राहु ग्रह शांति के लिए करें ये उपाय


जिन लोगों की कुंडली में राहु पीड़ित हो उन लोगों को नीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए. इन लोगों को शराब और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए. हर दिन सुबह उठकर मां दुर्गा की पूजा करें. इसके अलावा वराह देव की आराधना करें. भैरव देव की पूजा करने से भी आपको विशेष लाभ होगा. राहु की अशुभ दशा से बचने के लिये बुधवार के दिन राहु ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए. जैसे कि जौ, सरसों, सिक्का, सात प्रकार के अनाज, गोमेद रत्न, नीले या भूरें रंग के कपड़े और कांच का कोई भी सामान.


जिन लोगों का राहु पीड़ित हो उन लोगों को गोमेद रत्न धारण करना चाहिए. इस रत्न को धारण करने से जातकों को राहु दोष से मुक्ति मिलती है और बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं. जीवन में सकारात्मकता लाने, वैभव वृद्धि, अचानक आने वाली बाधाओं और बीमारियों से बचने के लिए राहु यंत्र का पूजन करना चाहिए. 


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