Pakistan Prediction 2026: वर्तमान समय में पाकिस्तान में जो कुछ चल रहा है, उससे सभी वाकिफ हैं. साल 2026 पाकिस्तान कते लिए अच्छा नहीं है. 14 अगस्त 1947 की रात पाकिस्तान (Pakistan) का जन्म हुआ और उसी पल उसकी कुंडली में बर्बादी के बीज बो दिए गए. मेष लग्न की यह कुंडली युद्धप्रिय मंगल को लग्नेश बनाती है, जो छठे भाव में नीच शुक्र के साथ बैठा है.

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इसका अर्थ साफ है कि यह मुल्क शुरू से ही सेना, संघर्ष और कर्ज के सहारे जिएगा. चंद्रमा भले ही वृषभ में उच्च का है, लेकिन राहु की छाया इसे कट्टर, उग्र और अस्थिर बनाती है. कर्क राशि में सूर्य और शनि की युति ने तो जैसे लोकतंत्र को श्राप ही दे दिया...बार-बार तख़्तापलट, सत्ता संकट और जनता का आक्रोश.

अब यही कुंडली 2026 में कुछ बड़ा होने के संकेत दे रही है. साल के शुरू होते ही पाकिस्तान पर चंद्र-शनि दशा का बुरा असर रहेगा. जनता और सत्ता आमने-सामने भिड़ेंगे. संसद टूटेगी, सड़कों पर खून बहेगा और प्रधानमंत्री की कुर्सी हर दिन डगमगाएगी.

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7 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक शनि अस्त (Shani Asta 2026) होकर सरकार को पंगु बना देगा. हालात इतने बिगड़ेंगे कि सेना की परछाई और भी गहरी होगी और लोकतंत्र महज़ एक नाम रह जाएगा.

आर्थिक हालात इस आग को और भड़काएंगे. पाकिस्तान की कुंडली में शुक्र नीच का है, और यही कंगाली की जड़ है. 2 जून 2026 को गुरु कर्क राशि (Guru Gochar 2026) में प्रवेश करेगा, कुछ दिन के लिए IMF और अरब देशों से सहारा मिल सकते हैं. लेकिन यह राहत छलावा होगी.

31 अक्टूबर 2026 को गुरु सिंह में जाएगा और जनता के घर-आंगन में असंतोष ज्वालामुखी की तरह फट पड़ेगा. 13 दिसंबर 2026 से गुरु वक्री होकर फैसलों को पलट देगा और नीतियां अराजकता में बदल जाएंगी. नतीजा...डॉलर के सामने रुपया ध्वस्त होगा, महंगाई आसमान छुएगी और रोटी के लिए जनता सड़कों पर लहूलुहान होगी.

सबसे भयावह विस्फोट अक्टूबर-दिसंबर 2026 में होगा. राहु-केतु की धुरी पूरे साल सत्ता को झकझोरती रहेगी और 25 नवंबर को राहु मकर और केतु कर्क में पहुंचते ही यह आग भड़क उठेगी.

संसद में तोड़फोड़, मंत्रिमंडल में विश्वासघात और प्रधानमंत्री पर चाकू की धार जैसी स्थिति. सिंह में केतु नेतृत्व को पंगु बना देगा और जनता हिंसा की ओर दौड़ेगी. यह वह समय होगा जब पाकिस्तान को खुलेआम तख़्तापलट का सामना करना पड़ सकता है.

मंगल की चाल इन सब पर घी का काम करेगी. 2 अगस्त 2026 को मंगल मिथुन में पहुंचते ही सीमा पार खुफिया गतिविधियां और आतंकी हमले बढ़ेंगे. 18 सितंबर को मंगल कर्क में पहुंचकर सत्ता और जनता दोनों को आग में झोंक देगा.

यही वह दौर होगा जब पाकिस्तान की गली-गली दंगों से सुलगेगी और सीमाएं बारूद से भर जाएंगी. सेना को एक साथ दो जंग लड़नी होंगी, एक भीतर की बगावत और दूसरी बाहर का युद्ध.

शनि (Shani) पूरे साल मीन राशि से बारहवें भाव में रहेगा, जिससे कर्ज, विदेशी दबाव और गुप्त चालें बढ़ेंगी. 27 जुलाई से 11 दिसंबर 2026 तक शनि वक्री होकर इस संकट को दुगुना कर देगा. यही वह समय है जब पाकिस्तान (Pakistan) का लोकतंत्र अंतिम सांसें गिन सकता है.

2026 पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक और साल नहीं होगा. यह वह साल होगा जब इसकी किस्मत का सबसे काला अध्याय लिखा जाएगा. जनवरी से जुलाई तक विद्रोह और असंतोष, जून से अक्टूबर तक कंगाली और विदेशी गुलामी, और अक्टूबर से दिसंबर तक सत्ता का विस्फोट, ये तीन चरण पाकिस्तान को या तो टुकड़े-टुकड़े कर देंगे या फिर किसी निर्दयी तानाशाही के हवाले कर देंगे.

इस बर्बादी का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा. भारत (India) के लिए सीमा पर सबसे बड़ा खतरा खड़ा होगा. चीन और अमेरिका अपने-अपने मोहरे चलेंगे. अफगानिस्तान से आतंकवाद की लपटें फिर उठेंगी. और एक बार फिर असुरक्षा की स्थिति पैदा होगी.

ज्योतिष की गणना से स्पष्ट है, 2026 पाकिस्तान (Pakistan) के लिए कयामत का साल होगा. सत्ता संकट, तख़्तापलट और बिखराव उसकी नियति बन चुके हैं. अब सवाल यह है कि यह देश बचेगा कैसे और किस कीमत पर?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.