Padmini Ekadashi Significance: पद्मिनी एकादशी का व्रत आज यानी 29 जुलाई को रखा जा रहा है. सभी एकदशियों में इस एकादशी का विशेष महत्व होता है. इस दिन पूरे विधि विधान से भगवान विष्णु की आराधना की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है. इस बार पद्मिनी एकादशी के दिन शुभ योग बन रहे हैं जिससे इस व्रत का महत्व बढ़ गया है.
पद्मिनी एकादशी पर बना शुभ योग
पद्मिनी एकादशी व्रत के दिन दो बहुत ही शुभ योग का निर्माण हो रहा है. इस शुभ योग की वजह से इस दिन का महत्व और बढ़ गया है. पद्मिनी एकादशी के दिन ब्रह्म और इंद्र योग बन रहे हैं. सुबह 09 बजकर 34 मिनट पर ब्रह्म योग रहेगा और इसके बाद इंद्र योग शुरू हो जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन दोनों शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ करना अति उत्तम रहेगा. इस शुभ योग में पूजा करने से विष्णु भगवान की कृपा से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी.
पद्मिनी एकादशी व्रत महत्व
पद्मिनी एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि विधि-विधान से पद्मिनी एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं. इस व्रत को विधि-विधान से पूरा करने से भगवान श्रीहरि के चरणों में स्थान प्राप्त होता है.
स्कंद पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को पद्मिनी एकादशी के महत्व और विधि के बारे में बताया था. पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न कर जीवन के पापों से छुटकारा पाया जा सकता है. यह व्रत हर 3 साल में एक बार पुरुषोत्तम मास या अधिक मास में रखा जाता है. इस व्रत को कमला एकदशी के नाम से भी जाना जाता है.
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