Numerology: कुछ महिलाओं को काबू में नहीं किया जा सकता, यह सुनने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही आधा-अधूरा सच भी है. सच्चाई यह है कि, किसी इंसान की आजादी केवल जन्म तारीख या ग्रहों से तय नहीं होती. लेकिन हां ज्योतिष और अंकशास्त्र कुछ प्रवृत्तियों को जरूर दर्शती है, जिससे किसी के बारे में सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है. 

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इसी आधार पर माना जाता है कि, कुछ विशेष तारीखों में जन्मी महिलाएं स्वभाव से अधिक आत्मनिर्भर, स्पष्ट सोच वाली और मजबूत व्यक्तित्व की धनी होती हैं.

मूलांक 1 

सबसे पहले बात करते हैं मूलांक 1, 10, 19 और 28 तारीख में जन्मी महिलाओं के बारे में, अंकशास्त्र में ये तारीखें सूर्य से जुड़ी मानी जाती हैं. सूर्य नेतृ्त्व, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का प्रतीक है. ऐसी महिलाएं अक्सर अपनी पहचान को खुद बनाना पसंद करती हैं. 

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ये किसी भी तरह के दबाव में रहना पसंद नहीं करतीं और शर्तों पर अपना जीवन जीती हैं. लेकिन इसका मतलब ये कतई भी नहीं है कि, इन्हें काबू में नहीं किया जा सकता, बल्कि ये सम्मान और बराबरी चाहती हैं. 

Numerology: इन तारीखों में जन्मीं महिलाएं बनती हैं मजबूत लीडर, मुश्किल वक्त में लेती हैं सही फैसले!

मूलांक 2

अब बात करते हैं 5, 14 और 23 तारीख को जन्मी महिलाओं कि, तो ये बुध ग्रह से ज्यादा प्रभावित मानी जाती हैं. बुध ग्रह का संबंध बुद्धि, संवाद और चलाकी से है. इस अंक की महिलाएं तेज दिमाग के साथ बातचीत करने में काफी माहिर होती हैं.

इन्हें बेवकूफ बनाना आसान नहीं होता. ये हर स्थिति को समझकर सही फैसले लेती हैं. लेकिन अगर आप सोचते हैं कि ये हमेशा सही ही होंगी, तो यह पूरी तरह गलता धारणा होगी. प्रत्येक इंसान की तरह इनमें भी सीमाएं होती हैं. 

मूलांक 7

7, 16 और 25 तारीख को जन्मी महिलाओं पर केतु का अधिक प्रभाव माना जाता है, केतु को आध्यात्मिकता और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है. ऐसी महिलाएं आमतौर पर गहरी सोच रखने वाली, शांत और अपने ही दुनिया में रहने वाली होती हैं. ये भेड़चाल का हिस्सा बनना की जगह अपने रास्ते खुद बनाना पसंद करती हैं. इनकी सबसे बड़ी ताकत इनकी आत्मनिर्भर सोच और भावनात्मक संतुलन होता है. 

मूलांक 9

वहीं 9, 18 और 27 तारीख को जन्मी महिलाएं मंगल से जुड़ी मानी जाती हैं. मंगल ऊर्जा, साहस और संघर्ष का ग्रह माना जाता है. ऐसी महिलाएं निडर और मजबूत इरादों से भरी होती हैं. अगर कोई इन्हें दबाने की कोशिश करता है, तो ये उसका सामना और भी मजबूती से करती हैं. लेकिन यह भी सच है कि, कभी-कभी इनका गुस्सा इन्हीं के खिलाफ हो जाता है. 

इसके पीछे अंकशास्त्र का ही रहस्य नहीं, बल्कि ज्योतिषीय योगों के गुण भी छिपे हैं. जैसे-

चंद्र-मंगल योग- जो भावनात्मक मजबूती और साहस प्रदान करता है. लग्न में सूर्य होना व्यक्ति को स्वाभाविक नेतृत्व प्रदान करता है, जबकि केतु का केंद्र भावों में होना व्यक्ति को स्वतंत्र और निर्लिप्त बनाने का काम करता है. 

लेकिन सबसे जरूरी बात समझनी चाहिए कि, किसी भी महिला या पुरुष को काबू में करने की सोच ही पूरी तरह से गलत है. रिश्तों में बराबरी, सम्मान और समझ बेहद जरूरी है, न कि प्रभुत्व जमाने पर. 

कुल मिलाकर कुछ महिलाएं अपने स्वभाव, सोच और आत्मविश्वास के कारण अधिक स्वतंत्र और मजबूत होती हैं. लेकिन उनपर किसी भी तरह का प्रभुत्व जमाना या जन्मतिथि के आधार पर परिभाषित करना सीमित सोच को दर्शाता है. असली ताकत इंसान के फैसले, अनुभव और सोच में होती है, न कि केवल ग्रहों में.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.