Numerology: अंक ज्योतिष में हर मूलांक किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है. जिस प्रकार ज्योतिष में ग्रहों के बीच मित्रता और शत्रुता होती है, उसी तरह अंकों के बीच भी विशेष संबंध माने गए हैं. कई बार हम देखते हैं कि कुछ लोगों से पहली मुलाकात में ही अच्छी समझ बन जाती है, जबकि कुछ लोगों के साथ बार-बार मतभेद होने लगते हैं. अंक ज्योतिष के अनुसार इसके पीछे आपके मूलांक और सामने वाले व्यक्ति के मूलांक की ऊर्जा भी एक कारण हो सकती है.

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आइए जानते हैं कि किस मूलांक का किससे टकराव हो सकता है और इसके पीछे क्या कारण बताए जाते हैं.

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 मूलांक 1 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है. सूर्य को नेतृत्व, अधिकार और आत्मविश्वास का स्वामी माना जाता है.

 किससे होती है टक्कर मूलांक 1 कि?

अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 और मूलांक 8 के बीच सबसे अधिक मतभेद देखने को मिल सकते हैं. इसका कारण यह है कि सूर्य नेतृत्व करना चाहता है, जबकि शनि (मूलांक 8) अनुशासन और कर्म को प्राथमिकता देता है. दोनों की कार्यशैली अलग होने के कारण अहंकार और विचारों का संघर्ष पैदा हो सकता है.

 मूलांक 2 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 2 पर चंद्रमा का प्रभाव माना जाता है. ये लोग भावुक, संवेदनशील और रिश्तों को महत्व देने वाले होते हैं.

 इन मूलांकों से क्यों बनती है दूरी मूलांक 2 कि?

मूलांक 2 भावनाओं के आधार पर निर्णय लेता है, जबकि मूलांक 4 व्यावहारिक सोच रखता है. मूलांक 8 गंभीर और कठोर स्वभाव का माना जाता है तथा मूलांक 9 जल्द प्रतिक्रिया देने वाला होता है. यही वजह है कि इन अंकों के साथ मूलांक 2 को सामंजस्य बनाने में कठिनाई आ सकती है.

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 मूलांक 3 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 3 का स्वामी गुरु है. ये लोग नियम, अनुशासन और ज्ञान को महत्व देते हैं.

 मूलांक 6 से मूलांक 3 हो सकते हैं मतभेद?

मूलांक 3 जीवन में सिद्धांतों और व्यवस्था को प्राथमिकता देता है, जबकि मूलांक 6 सुख-सुविधाओं, प्रेम और भौतिक आनंद को अधिक महत्व देता है. जीवन के प्रति अलग दृष्टिकोण होने के कारण दोनों के बीच विचारों का टकराव हो सकता है.

 मूलांक 4 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 4 राहु से प्रभावित माना जाता है. ये लोग परंपराओं से हटकर सोचते हैं और अपनी अलग पहचान बनाना पसंद करते हैं.

 मूलांक 2 और 9 से क्यों नहीं बैठता तालमेल?

मूलांक 2 भावनात्मक होता है, जबकि मूलांक 4 तर्क और व्यवहारिकता पर चलता है. वहीं मूलांक 9 का उग्र और तेज स्वभाव कई बार मूलांक 4 की स्वतंत्र सोच से टकरा सकता है. इसलिए इनके बीच विवाद की संभावना अधिक मानी जाती है.

 मूलांक 5 का कोई बड़ा दुश्मन नहीं

मूलांक 5 का स्वामी बुध है. बुध को संवाद और बुद्धिमत्ता का ग्रह माना जाता है.

 हर किसी से बना लेते हैं रिश्ता

मूलांक 5 वाले लोग परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में माहिर होते हैं. यही वजह है कि अंक ज्योतिष में इनका कोई प्रमुख शत्रु अंक नहीं माना गया है. ये लगभग सभी मूलांकों के साथ संतुलित संबंध बना सकते हैं.

 मूलांक 6 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 6 शुक्र ग्रह से जुड़ा हुआ है. ये लोग प्रेम, सुंदरता और रिश्तों को महत्व देते हैं.

 मूलांक 3 से क्यों होती है अनबन?

मूलांक 6 जीवन को आराम और आनंद के साथ जीना चाहता है, जबकि मूलांक 3 अनुशासन और जिम्मेदारियों को अधिक महत्व देता है. दोनों की प्राथमिकताएं अलग होने के कारण मतभेद पैदा हो सकते हैं.

 मूलांक 7 का कोई स्पष्ट दुश्मन नहीं

मूलांक 7 केतु से प्रभावित माना जाता है. ये लोग आध्यात्मिक, रहस्यमयी और गहरी सोच वाले होते हैं.

 फिर भी क्यों महसूस करते हैं दूरी?

हालांकि इनका कोई प्रमुख शत्रु अंक नहीं माना जाता, लेकिन अत्यधिक भौतिकवादी और व्यावहारिक सोच रखने वाले लोगों के साथ इनकी सोच मेल नहीं खाती है. इसी वजह से कुछ रिश्तों में दूरी महसूस हो सकती है.

 मूलांक 8 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 8 का स्वामी शनि है. ये लोग मेहनती, गंभीर और कर्मप्रधान होते हैं.

 मूलांक 1, 2 और 4 से क्यों हो सकते हैं मतभेद?

शनि धीरे-धीरे और सोच-समझकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है. वहीं मूलांक 1 नेतृत्व दिखाना चाहता है, मूलांक 2 भावनाओं को प्राथमिकता देता है और मूलांक 4 अचानक बदलाव पसंद करता है. सोच में अंतर होने के कारण इनके बीच टकराव की स्थिति बन सकती है.

 मूलांक 9 वालों का दुश्मन कौन?

मूलांक 9 मंगल ग्रह का अंक माना जाता है. ये लोग साहसी, ऊर्जावान और तेज निर्णय लेने वाले होते हैं.

 मूलांक 2 और 4 से क्यों नहीं बनती?

मूलांक 9 की ऊर्जा बहुत प्रबल होती है. मूलांक 2 की भावुकता और मूलांक 4 की अलग सोच कई बार मूलांक 9 को पसंद नहीं आती. इसी कारण इन अंकों के बीच बार-बार मतभेद देखने को मिल सकते हैं.

 क्या दुश्मन मूलांक वाले लोगों से रिश्ता नहीं रखना चाहिए?

अंक ज्योतिष में किसी मूलांक को दुश्मन कहने का मतलब यह नहीं है कि उस व्यक्ति से आपका रिश्ता खराब ही होगा. इसका केवल इतना अर्थ है कि दोनों लोगों की सोच, स्वभाव या काम करने का तरीका अलग हो सकता है. ऐसे रिश्तों में गलतफहमियां या मतभेद होने की संभावना थोड़ी अधिक रहती है.

किसी भी रिश्ते की सफलता केवल मूलांक पर निर्भर नहीं करती है. अगर आपसी समझ, सम्मान और भरोसा हो, तो अलग मूलांक वाले लोग भी अच्छे दोस्त, जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर बन सकते हैं. अंक ज्योतिष केवल यह बताता है कि किन रिश्तों में सामंजस्य बनाने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करना पड़ सकता है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.