Astrology, Ocean Planet, Discovery of Ocean Planet: यह ब्रह्मांड अनेकोनेक रहस्यों से भरा पड़ा है. खगोल वैज्ञानिकों द्वारा नई –नई खोजों के माध्यम से इसमें छिपे रहस्यों का समय-समय पर जानकारी मिलती रहती है.
इसी क्रम में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे समुद्री ग्रह की खोज की है. जिसे पूरे ब्रहामंड का सबसे बड़ा महासागर माना जा रहा है. यह एक ऐसा समुद्री ग्रह है जिसके रहस्यों के बारे में जानकार आपके लिए यकीन करना मुश्किल होगा, लेकिन वैज्ञानिकों द्वारा यह खोजा गया है.
रहस्यमयीसमुद्रीग्रहकाक्यानामहै?
वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए इस समुद्री ग्रह का नाम TOI-1452 b है जो एक एक्सोप्लेनेट है. इसे पूरे ब्रह्मांड का सबसे बड़ा महासागर माना जा रहा है. यह ग्रह ड्रेको तारामंडल में मौजूद बाइनरी सिस्टम में दो छोटे सितारों में से एक का चक्कर लगाता है.
यहसमुद्रीग्रहधरतीसेकितनीदूरपरहै?
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह समुद्री ग्रह हमारी धरती से करीब 100 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है. सबसे रहस्यमय तो यह है कि यह समुद्री ग्रह पानी की एक बेहद मोटी परत से ढका हुआ है.
इस प्लेनेट की बनावट /आकृति बृहस्पति और शनि ग्रह के कुछ चंद्रमाओं से मिलती है. यदि इसके आकार के बारे में कहें तो इसका आकार और द्रव्यमान हमारी धरती से कहीं अधिक है. हालांकि यहां पर जीवन की संभावना नहीं है क्योंकि यह समुद्री ग्रह अपने तारों से बहुत दूर है.
नासाकेस्पेसटेलीस्कोपTess सेकीगईइसकीखोज
इस समुद्री ग्रह (Ocean Planet) की खोज रिसचर्स की एक इंटरनेशनल टीम ने की है. इस इंटरनेशनल टीम का नेतृत्व यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल के पीएचडी छात्र और इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन एक्सोप्लैनेट (iREx) के सदस्य चार्ल्स कैडियक्स कर रहे हैं. इस टीम ने इस प्लेनेट की खोज के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के स्पेस टेलीस्कोप TESS की मदद से की है.
रहस्यमयीप्लेनेटका 70 प्रतिशतभागपानीसेभराहै
नासा का स्पेस टेलीस्कोप TESS पूरे आकाश का सर्वे करता है जो कि प्लेनेटरी सिस्टम की तलाश में लगा रहता है. वैज्ञानिकों ने देखा कि स्पेस टेलीस्कोप TESS के एक सिग्नल में थोड़ी कम चमक नजर आ रही थी. ऐसा हर 11 दिन में होता था. इसी घटना के कारण वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमयी प्लेनेट की खोज कर सके. इस प्लेनेट का 70 प्रतिशत भाग पानी से भरा हुआ है.
संभवतःपृथ्वीजैसाधरतीसेहैबिल्कुलअलग
विशेषज्ञ मानते हैं कि धरती की तरह TOI-1452 b भी एक चट्टानी ग्रह हो सकता है. लेकिन इसके आकार, द्रव्यमान और घनत्व इसे हमारी दुनिया से पूरी तरह अलग करता है. जानकारी के लिए बतादें कि हाल ही में नासा के सबसे शक्तिशाली टेलिस्कोप जेम्स वेब ने पहली बार एक एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल में CO2 की खोज की थी.
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