White Pumpkin Farming Tips: अगर आप पारंपरिक फसलों से हटकर कुछ ऐसा उगाना चाहते हैं जो कम लागत में बंपर मुनाफा दे, तो सफेद कद्दू यानी पेठे वाले कद्दू की खेती आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है. आजकल मार्केट में सफेद कद्दू की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है. जिसके चलते किसान भाई इसे अपनी किस्मत बदलने वाली फसल मान रहे हैं. 

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सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी खेती में लागत और मेहनत दोनों ही बहुत कम लगती है. जबकि इससे मिलने वाला रिटर्न उम्मीद से कहीं ज्यादा होता है. आम कद्दू के मुकाबले इसकी शेल्फ लाइफ यानी लंबे समय तक खराब न होने की क्षमता भी काफी ज्यादा होती है. जिससे इसे दूर की मंडियों में भेजना और स्टोर करना बेहद आसान हो जाता है.

पेठा और नमकीन इंडस्ट्री में है इसकी तगड़ी डिमांड

सफेद कद्दू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल आम सब्जी मंडियों तक ही सीमित नहीं है. बल्कि फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में इसकी मांग हर सीजन में बहुत हाई रहती है. मशहूर आगरा का पेठा बनाने के लिए इसी सफेद कद्दू का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है. इसके अलावा हल्दीराम जैसी देश की बड़ी-बड़ी नमकीन और स्नैक्स बनाने वाली कंपनियां भी पेठा कद्दू की बड़े पैमाने पर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग यानी सीधे किसानों से समझौता करके खरीदारी कर रही हैं. 

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इन कंपनियों को अपने विभिन्न प्रोडक्ट्स के लिए हर महीने सैकड़ों टन अच्छी क्वालिटी के सफेद कद्दू की जरूरत होती है. ऐसे में अगर आप सीधे इन ब्रांड्स या पेठा फैक्ट्रियों से जुड़कर सप्लाई करते हैं. तो आपको अपनी फसल का बेहतरीन और तय दाम मिलना एकदम पक्का हो जाता है.

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कम लागत में बंपर पैदावार 

सफेद कद्दू की खेती का गणित किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है. क्योंकि इसकी फसल करीब 100 से 120 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है. इसे लगाने के लिए बहुत ज्यादा उपजाऊ जमीन या महंगे फर्टिलाइजर्स की जरूरत नहीं पड़ती और यह सामान्य खाद-पानी में भी शानदार उत्पादन देती है. एक एकड़ खेत में आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर आसानी से 15 से 20 टन तक की बंपर पैदावार ली जा सकती है. 

मुनाफे का पूरा गणित

चूंकि मार्केट और बड़ी फूड कंपनियों में इसका रेट हमेशा स्थिर और काफी अच्छा मिलता है. इसलिए लागत निकालने के बाद किसान भाई एक सिंगल सीजन में ही प्रति एकड़ लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा लेते हैं. यह फसल कम रिस्क में मोटी कमाई करने का सबसे सॉलिड जरिया बनकर उभरी है.

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