Spice Production India: भारत के खाने में मसालों की अपनी अलग जगह है. दाल-सब्जी हो या चटपटा नाश्ता, हल्दी, मिर्च, धनिया और जीरा जैसे मसालों के बिना स्वाद अधूरा लगता है. देश में मसालों की खेती किसानों के लिए कमाई का एक अहम जरिया भी है. देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान वहां की मिट्टी और मौसम के हिसाब से अलग-अलग मसाले उगाते हैं. कहीं जीरे की खेती ज्यादा होती है, तो कहीं मिर्च, हल्दी और धनिया का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है.  

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इन मसालों की खेती देश के कई राज्यों में होती है, लेकिन उत्पादन के मामले में सभी राज्य एक जैसे नहीं हैं. कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां बड़े पैमाने पर मसालों की खेती की जाती है और देश की जरूरत पूरी करने में उनकी अहम भूमिका है. 

मसाला उत्पादन में मध्य प्रदेश सबसे आगे

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केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश देश में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है. यहां लहसुन, धनिया और मिर्च जैसी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है. राज्य की जलवायु और खेती के लिए उपलब्ध जमीन कई तरह के मसालों के उत्पादन में मदद करती है. यही वजह है कि मसाला उत्पादन में मध्य प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया. 

मसाला उत्पादन में कौन-सा राज्य सबसे आगे?

भारतीय मसाला बोर्ड की राज्यवार रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024-25 के उपलब्ध आंकड़ों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है. इसके बाद गुजरात, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना का नंबर आता है. हालांकि, रिपोर्ट में 2024-25 के आंकड़ों को अनुमानित बताया गया है.

  • गुजरात: मसाला उत्पादन में गुजरात दूसरे स्थान पर है. यहां जीरा और सौंफ जैसी फसलों की खेती बड़े स्तर पर की जाती है. साल 2024-25 में राज्य में करीब 12.30 लाख टन मसालों का उत्पादन हुआ.
  • आंध्र प्रदेश: इस राज्य में मिर्च की खेती खास पहचान रखती है. मसाला उत्पादन में आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा. यहां की जलवायु कई मसाला फसलों के लिए अनुकूल है. साल 2024-25 में राज्य में करीब 11.50 लाख टन मसालों का उत्पादन हुआ.
  • राजस्थान: राजस्थान में जीरा, धनिया और दूसरे मसालों की खेती होती है. साल 2024-25 में यहां करीब 10.39 लाख टन मसालों का उत्पादन हुआ.
  • तेलंगाना: तेलंगाना भी देश के प्रमुख मसाला उत्पादक राज्यों में शामिल है. यहां मिर्च और हल्दी जैसी फसलें उगाई जाती हैं. साल 2024-25 में यहां करीब 8.62 लाख टन मसालों का उत्पादन हुआ.

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भारत को क्यों कहा जाता है मसालों का देश?

भारत में मौसम और मिट्टी की अलग-अलग स्थितियों के कारण कई तरह के मसाले उगाए जाते हैं. हल्दी, अदरक, काली मिर्च, इलायची, जीरा, धनिया और मिर्च इनमें प्रमुख हैं. इनका इस्तेमाल सिर्फ घरों में खाना बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि अचार, मसाला पाउडर और दूसरी खाद्य चीजें तैयार करने में भी होता है.

भारतीय मसालों की विदेशों में भी मांग है. इनका कारोबार किसानों के साथ-साथ मसालों की सफाई, पैकिंग और बिक्री से जुड़े लोगों को भी रोजगार देता है. इस तरह मसालों की खेती देश की खेती और कारोबार, दोनों के लिए अहम है.

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