Tomato Flower Drop: बहुत से किसान और घर में गार्डनिंग करने वाले लोग यह शिकायत करते हैं कि टमाटर के पौधे में फूल तो खूब आते हैं, लेकिन वे फल बनने से पहले ही गिर जाते हैं. इससे पैदावार बहुत कम हो जाती है और मेहनत का पूरा फायदा नहीं मिल पाता. दरअसल, यह समस्या मौसम, खाद-पानी और देखभाल में कमी की वजह से होती है. अगर सही समय पर वजह पता चल जाए तो इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि टमाटर के फूल गिरने के पीछे कौन-कौन से कारण होते हैं.

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तापमान और मौसम बनता है बड़ी वजह

टमाटर के फूल गिरने का सबसे बड़ा कारण तापमान का बहुत ज्यादा या बहुत कम होना है. जब दिन का तापमान 32-33 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है या रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो पौधे में परागण यानी पोलिनेशन की प्रक्रिया ठीक से नहीं हो पाती. इस वजह से फूल फल में नहीं बदल पाते और सूखकर गिर जाते हैं. इसके अलावा हवा में नमी का बहुत ज्यादा या बहुत कम होना भी इस समस्या को बढ़ाता है. तेज गर्म हवाएं और लू भी फूलों को नुकसान पहुंचाती हैं. ऐसे मौसम में किसानों को चाहिए कि वे पौधों को हल्की छांव दें और सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि पौधे को राहत मिले. 

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खाद-पानी और पोषण की कमी भी है जिम्मेदार

फूल गिरने की दूसरी बड़ी वजह पौधे में सही पोषण न मिलना है. अगर खेत में नाइट्रोजन खाद की मात्रा जरूरत से ज्यादा दी जाए, तो पौधे में सिर्फ पत्तियां और टहनियां ज्यादा बढ़ती हैं, जबकि फूल कमजोर रह जाते हैं और गिर जाते हैं. इसी तरह अगर पौधे को बोरॉन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व सही मात्रा में न मिलें, तो भी यह समस्या होती है. पानी की कमी या फिर एक साथ बहुत ज्यादा पानी देना भी पौधे पर तनाव डालता है, जिससे फूल टिक नहीं पाते. इसके अलावा सफेद मक्खी और थ्रिप्स जैसे कीट भी फूलों को नुकसान पहुंचाकर उन्हें गिरा देते हैं. इस समस्या से बचने के लिए संतुलित खाद का इस्तेमाल करना चाहिए, समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए और बोरॉन युक्त स्प्रे का छिड़काव करना फायदेमंद रहता है. साथ ही समय-समय पर पौधों की जांच करके कीट-रोग पर भी नजर रखनी चाहिए. 

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