Animal Home Remedies: ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए पशुपालन करना एक आम बात होती है. कई किसानों के लिए तो पशुपालन कमाई का एक मात्र जरिया होता है. ऐसे में पशुओं को कोई बीमारी हो जाए तो सिर्फ जानवर नहीं परेशान होता, बल्कि पशुपालक को भी चुनौती का सामना करना पड़ता है. जैसे कभी पेट फूलना, तो कभी दस्त लग जाना, वहीं चलते-फिरते या काम करते समय उन्हें घाव भी लग जाता है.
ऐसे में कई बार गरीब किसानों के पास पशु को डॉक्टर के पास ले जाने के पैसे नहीं होते, और ये छोटी बीमारियां कई बार आगे चल कर गंभीर हो जाती हैं. ऐसी स्थिति में आप घरेलू उपचार करके ही अपने पशु को ठीक कर सकते हैं, बस जरूरी है तो थोड़ी सी जानकारी की.
पेट फूलने और दस्त में क्या करें?
पशुओं में पेट फूलने की समस्या को आम भाषा में अफारा भी कहा जाता है. यह अक्सर तब होता है जब पशु ज्यादा हरा चारा खा लेता है या पेट में गैस बन जाती है. ऐसे में डॉक्टर को बुलाने के बदले में आप घर पर ही पशु को अजवाइन, हींग और नमक का मिश्रण पानी में घोलकर दें, इससे राहत मिलती है. साथ ही पशु को टहलाना भी फायदेमंद रहता है, क्योंकि इससे गैस बाहर निकलने में मदद मिलती है. वहीं दस्त की समस्या होने पर पशु को साफ पानी में थोड़ा नमक और चीनी मिलाकर पिलाना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
कई पशुपालक इस स्थिति में मेथी के दानों को पानी में उबालकर भी पशु को पिलाते हैं, इससे पेट को आराम मिलता है. इस दौरान पशु को हल्का और आसानी से पचने वाला चारा देना चाहिए और भारी या बासी चारा खिलाने से बचना चाहिए. सबसे पहले पशु की परेशानी को दूर करने के लिए घरेलू उपचार करना चाहिए. अगर उसके बाद भी दस्त या पेट फूलने की समस्या दो-तीन दिन में ठीक न हो या पशु सुस्त पड़ने लगे, तो देर किए बिना पशु चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है.
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घाव होने पर कैसे करें देखभाल
कई बार पशु को खेत में काम करते समय या चलते-फिरते समय अक्सर छोटे-मोटे घाव लग जाते हैं. ऐसे में ज्यादातर किसान पशु को उसी हालत में छोड़ देते हैं, जिससे घाव बड़ी परेशानी बन जाता है. ऐसी स्थिति में घावों को साफ रखना सबसे जरूरी होता है, ताकि उसमें संक्रमण न फैले. घाव को सबसे पहले साफ पानी से धोना चाहिए, ताकि उसमें लगी मिट्टी और गंदगी निकल जाए. इसके बाद हल्दी को नारियल तेल में मिलाकर घाव पर लगाना चाहिए. कुछ पशुपालक नीम के पत्तों को पीसकर भी घाव पर लगाते हैं, इससे घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है. घाव पर मक्खियां न बैठें, इसका खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इससे घाव के पकने का डर लगा रहता है. वहीं कई स्थिति में घाव बहुत गहरा होता है, ऐसे में इस समय घरेलू उपाय काम नहीं आते हैं और घाव को तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाना चाहिए.
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