Paddy Farming Tips: धान की खेती करने वाले किसानों के लिए रोपाई के बाद का शुरुआती एक महीना बेहद जरूरी होता है. इस दौरान खेत में तेजी से पनपने वाले खरपतवार धान के पौधे के सबसे बड़े दुश्मन साबित होते हैं. यह खरपतवार न सिर्फ मिट्टी की सारी नमी, धूप और खाद-उर्वरक को सोख लेते हैं. बल्कि फसल की ग्रोथ को भी पूरी तरह से रोक देते हैं. 

Continues below advertisement

अगर सही समय पर इन पर ध्यान न दिया जाए तो धान की पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है और किसानों को तगड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. ऐसे में फसल को बर्बादी से बचाने के लिए खरपतवार प्रबंधन बेहद जरूरी हो जाता है. चलिए आपको बताते हैं धान के इन 3 दुश्मनों के बारे में और इनसे निपटने के सही तरीकों के बारे में.

धान की फसल के 3 सबसे बड़े दुश्मन

धान के खेत में तरह के खरपतवार उगते हैं. किसानों को जिन्हें वक्त रहते पहचानना जरूरी है. इनमें पहली कैटेगरी सवां, सावा और मोथा जैसी घास कुल के खरपतवारों की है. जो धान के पौधे जैसे ही दिखते हैं और बहुत तेजी से फैलते हैं. 

Continues below advertisement

दूसरी कैटेगरी चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों की होती है. जिनमें जलकुंभी और कनकौआ शामिल हैं. यह पानी के बहाव को रोककर धूप को नीचे तक नहीं पहुंचने देते. तीसरी कैटेगरी गांठ वाली घास यानी सेज की होती ह.  जिसकी जड़ें जमीन के अंदर बहुत गहराई तक जाकर मिट्टी के सारे पोषक तत्व सोख लेती हैं.

यह भी पढ़ें: इस राज्य में किसानों के लिए बड़ा फैसला, खराब बीज-खाद और कीटनाशकों की शिकायत पर 7 दिन में फैसला

भारी नुकसान से बचने के लिए तुरंत करें यह काम

खरपतवारों से अपनी धान की फसल को बचाने के लिए रोपाई के तुरंत बाद ठोस कदम उठाना बहुत जरूरी है. सबसे पहले रोपाई के 2 से 3 दिनों के भीतर खेत में 2 से 3 इंच पानी बनाकर रखें और अनुशंसित खरपतवार नाशक  जैसे प्रैटिलाक्लोर या पायराजोसल्फ्यूरॉन का सही मात्रा में छिड़काव करें. 

यह भी पढ़ें: Grow Drumstick At Home: घर पर कैसे कर सकते हैं मोरिंगा की खेती, क्या गमले में भी उग सकता है यह पौधा?

इसके अलावा रोपाई के 20 से 25 दिनों बाद जब खरपतवार निकलने लगें तो कोनो वीडर चलाकर या हाथों से निंदाई-गुड़ाई करके उन्हें बाहर निकाल दें. खेत की मेड़ों को भी हमेशा साफ रखें जिससे खरपतवार के बीज बहकर पानी के साथ मुख्य खेत में न घुस सकें.

यह भी पढ़ें: Highest Farming Subsidy: किस योजना में किसानों को मिलती है सबसे ज्यादा सब्सिडी? जान लें योजनाओं के नाम