Mango Farming: अगर आपके पास जगह कम है लेकिन आप कई किस्म के आम उगाना चाहते हैं, तो ग्राफ्टिंग (कलम बांधने) की तकनीक आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. इस तकनीक की मदद से एक ही आम के पेड़ पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अमरपाली और अन्य लोकप्रिय किस्मों के आम उगाए जा सकते हैं. इससे न केवल बगीचे की उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि किसानों को अलग-अलग सीजन में फल बेचकर बेहतर मुनाफा कमाने का मौका भी मिलता है.

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क्या है मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री?

ऐसा आम का पेड़ होता है जिस पर एक साथ कई किस्मों के आम लगते हैं. इसके लिए पहले एक मजबूत और स्वस्थ आम के पेड़ को चुना जाता है. फिर दूसरी किस्मों के आम की टहनियों को उस पेड़ पर कलम लगाकर जोड़ दिया जाता है. कुछ समय बाद ये टहनियां पेड़ का हिस्सा बन जाती हैं. अगले सीजन से एक ही पेड़ पर अलग-अलग किस्मों के आम लगने लगते हैं.

कैसे की जाती है ग्राफ्टिंग?

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एक ही आम के पेड़ पर अलग-अलग किस्मों के आम उगाने के लिए जिस कलम लगाने की प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है, उसे ही  ग्राफ्टिंग कहते हैं. सबसे पहले एक स्वस्थ और मजबूत आम के पेड़ की शाखा चुनी जाती है .इसके बाद दूसरी किस्म के आम की टहनी को उस शाखा से जोड़ दिया जाता है. फिर उस जगह को टेप से अच्छी तरह बांध दिया जाता है ताकि पानी और हवा से बचाया जा सके. करीब 30 से 45 दिनों में दोनों हिस्से आपस में जुड़ जाते हैं. नई पत्तियां निकलने लगती हैं. इसके बाद वही टहनी अपनी किस्म के आम देने लगती है. 

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किसानों को क्या होगा फायदा?

एक ही पेड़ पर अलग-अलग वैरायटी के आम लगाने से किसानों को कई फायदे मिलेंगे. सबसे बड़ा लाभ यह है कि एक ही पेड़ से कई प्रकार के आम प्राप्त होते हैं. इससे बगीचे में जगह की बचत होती है. कम जमीन में अधिक उत्पादन लिया जा सकता है. विभिन्न किस्मों के फल अलग-अलग समय पर तैयार होते हैं, जिससे किसानों को लंबे समय तक बाजार में आम बेचने का अवसर मिलता है. 

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