Maharashtra Farmer’s Relief: महाराष्ट्र में इस बार कमजोर मॉनसून की वजह से किसानों के आगे कई परेशानियां खड़ी है. ऐसे में राज्य सरकार ने दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में 5000-5000 रुपये भेजने का फैयला किया है. इसके लिए सरकार ने 7500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इससे लगभग 1.5 करोड़ किसनों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
लेकिन अगर आपकी ई-केवाईसी या फिर बैंक से जुड़ी हुई कोई भी जानकारी आधूरी है, तो ऐसे में आपको भुगतान मिलने में परेशानी हो सकती है. ऐसे में किसानों को समय रहते इसकी जांच कर सभी जरूरी जानकीर पूरी कर लेनी चाहिए.
किन किसानों को मिलेंगे 5000 रुपये?
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की 304 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है. इन इलाकों में जिन किसानों की खरीफ फसल को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें 5000 रुपये की शुरुआती मदद दी जाएगी. यह रकम सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. इसके लिए किसानों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं बताई गई है.
ई-केवाईसी को लेकर क्या है नियम?
सरकार ने किसानों की परेशानी कम करने के लिए ई-केवाईसी के नियम आसान किए हैं. जिन किसानों ने 1 नवंबर 2025 के बाद किसी सरकारी योजना के लिए ई-केवाईसी पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया नहीं करनी होगी. हालांकि, जिन किसानों की ई-केवाईसी अधूरी है, उन्हें अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या तहसील में जानकारी लेनी चाहिए.
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फार्मर आईडी नहीं है तो क्या होगा?
सरकार ने वन अधिकार के तहत जमीन पर खेती करने वाले किसानों के लिए भी व्यवस्था की है. ऐसे किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो उन्हें ई-केवाईसी के आधार पर मदद मिल सकती है. बाकी किसानों को भी अपनी फार्मर आईडी और बैंक खाते की जानकारी सही रखनी चाहिए.
कब तक खातों में आएंगे पैसे?
सरकार ने दिवाली से पहले किसानों को पैसा देने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, सभी किसानों के खातों में एक ही दिन रकम पहुंचेगी, इसकी कोई तय तारीख नहीं बताई गई है. यह 5000 रुपये की शुरुआती राहत है. फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद आगे की सहायता तय की जा सकती है.
पैसा अटकने से बचाने के लिए क्या करें?
- सबसे पहले अपनी ई-केवाईसी की स्थिति जांचें.
- बैंक खाता चालू रखें और उसमें दर्ज जानकारी सही होने की पुष्टि करें.
- फसल नुकसान का सर्वे नहीं हुआ है या नाम रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा, तो कृषि विभाग से संपर्क करें.
- पैसा आया है या नहीं, यह बैंक पासबुक या मोबाइल बैंकिंग से चेक कर सकते हैं.
- किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी न दें और सहायता दिलाने के नाम पर पैसे भी न चुकाएं.
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