Ladyfinger Cultivation Tips: घर की बालकनी, छत, आंगन में थोड़ी जगह है तो वहां गमले में भिंडी आसानी से उगाई जा सकती है. इसके लिए खेत जैसी बड़ी जगह की जरूरत नहीं पड़ती. भिंडी गर्म मौसम में तेजी से बढ़ने वाली सब्जी है और सही देखभाल मिलने पर गमले में भी अच्छी फलियां देती है. इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखना होगा. इसके लिए सबको पहले आपको सही साइज का गमला चुनें और उसमें पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल करें.
इसके बाद ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें जैविक खाद के साथ अच्छी पानी निकलने की व्यवस्था हो. पौधे को रोज सही मात्रा में धूप मिलना चाहिए. जब आप बीज बो दें उसके बाद मिट्टी की नमी, पौधे की बढ़त और खाद की जरूरत का ध्यान रखें. जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसान पहुंचा सकता है. सही तरीके से देखभाल करने पर आप अपने ही घर में ताजी भिंडी उगा सकते हैं.
सही गमला और मिट्टी चुनना है पहला काम
गमले में भिंडी उगाने के लिए सबसे पहले आपको एक सही कंटेनर की जरूरत होगी. पौधे की जड़ों को फैलने के लिए ठीक-ठाक जगह चाहिए. इसलिए बहुत छोटा गमला ने लें कम से कम 12 से 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला इसके लिए बेहतर रहेगा. कंटेनर के नीचे पानी बाहर निकलने के लिए दो से तीन छेद जरूर रखें. भिंडी की जड़ें लगातार पानी में रहने पर खराब हो सकती हैं. मिट्टी तैयार करते समय सामान्य मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी जैविक खाद और कोकोपीट मिलाया जा सकता है.
इससे मिट्टी भुरभुरी रहती है और जड़ों को हवा भी मिलती है. बीज हमेशा अच्छी क्वालिटी वाले लें. गमले में ऐसी किस्म रखना सही रहता है जिसकी बढ़वार बहुत ज्यादा न हो. भिंडी को तेज रोशनी पसंद है इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिन में कई घंटे सीधी धूप मिल सके. अच्छी धूप मिलने पर पौधे की बढ़वार बेहतर होती है और फलियां भी अच्छी बनती हैं.
बीज बोने के बाद पानी का रखें खास ध्यान
भिंडी को बीज से गमले में उगाना काफी आसान है. बीजों को मिट्टी में बहुत गहराई तक दबाने की जरूरत नहीं होती. मिट्टी को हल्का नम रखें मगर पानी जमा न होने दें. मौसम सही रहने पर कुछ दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं. पौधे निकलने के बाद कमजोर पौधों को हटाकर मजबूत पौधों के बीच दूरी रखें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को अच्छी धूप मिलती रहे.
भिंडी को रेगुलर पानी की जरूरत होती है लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी जड़ों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. बारिश के दिनों में पानी देने से पहले मिट्टी को जरूर चेक कर लें. अगर मिट्टी पहले से नम है तो तुरंत पानी देने की जरूरत नहीं है. सुबह के वक्त सिंचाई करना सही रहता है. पानी सीधे मिट्टी में डालें और पत्तियों को लगातार गीला न रखें. ड्रेनेज सिस्टम सही होने से जड़ों में सड़न का खतरा कम होता है.
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खाद देते रहें फलियां समय पर तोड़ें
भिंडी का पौधा तेजी से बढ़ता है इसलिए उसे न्यूट्रीशन की जरूरत भी रहती है. समय-समय पर जैविक खाद देने से पौधे की ग्रोथ अच्छी बनी रहती है. गमले की मिट्टी में वर्मी कंपोस्ट, अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद जैसी जैविक खाद थोड़ी मात्रा में मिलाई जा सकती है.
खाद की मात्रा जरूरत से ज्यादा न रखें. बहुत ज्यादा नाइट्रोजन मिलने पर पत्तियां तेजी से बढ़ सकती हैं और फलियों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. पौधे की मिट्टी को समय-समय पर हल्का ढीला करते रहें. गमले में खरपतवार दिखे तो उसे तुरंत हटा दें.
इससे पौधे के पोषक तत्व दूसरी घास में नहीं जाएंगे. फूल आने के बाद छोटी फलियां दिखाई देने लगती हैं. इन्हें बहुत बड़ी और सख्त होने से पहले तोड़ना बेहतर रहता है. नियमित तुड़ाई से पौधे पर नई फलियां आने के चांस बने रहते है. इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आराम से घर पर ताजी भिंडी मिलती रहेगी.
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