Organic Fertilizer From Vegetables Peels: किचन में रोज खाना बनाते समय आलू, प्याज, लौकी, खीरा, केले और बाकी सब्जियों के छिलके हम अक्सर कचरा समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो रुक जाएं क्योंकि यह कचरा असल में आपके होम गार्डन के लिए किसी काले सोने से कम नहीं है. बाजार में मिलने वाले केमिकल फर्टिलाइजर महंगे तो होते ही हैं. साथ ही लंबे समय में गमलों की मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी खत्म कर देते हैं.
वहीं किचन वेस्ट से तैयार देसी ऑर्गेनिक खाद में नाइट्रोजन, पोटाश, फास्फोरस, कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का खजाना होता है. इस खाद से घर के पौधों की ग्रोथ तेज होती है. उन पर ढेरों नए फूल खिलते हैं और फल भी बड़े साइज के आते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने में जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं होता. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे घर पर बेहद आसान तरीके से यह खाद तैयार की जा सकती है.
छिलकों से लिक्विड खाद बनाने का तरीका
अगर आप पौधों को तुरंत एनर्जी देना चाहते हैं. तो लिक्विड बायो-फर्टिलाइजर सबसे बेस्ट ऑप्शन है. इसके लिए आपको आलू, प्याज, लहसुन, केले और हरी सब्जियों के ताजे छिलके इकट्ठे करने होंगे. एक बाल्टी या फिर प्लास्टिक के बड़े डिब्बे में इन सभी छिलकों को डाल दें और ऊपर से पानी भर दें. इसे किसी छायादार जगह पर ढककर 3 से 4 दिनों के लिए रख दें. हर दिन किसी लकड़ी की मदद से इसे एक बार अच्छी तरह हिलाते रहें जिससे फर्मेंटेशन सही तरीके से हो सके.
चौथे दिन तक पानी का रंग गहरा हो जाएगा और सारे पोषक तत्व पानी में घुल जाएंगे. अब इस पानी को छलनी से छान लें. इस्तेमाल करने से पहले इस घोल में 1:3 के अनुपात में सादा पानी मिलाएं यानी एक मग लिक्विड खाद में तीन मग सादा पानी. इस जादुई पानी को हफ्ते में एक बार पौधों की जड़ों में डालें. जिससे फूल और कलियां झड़ने की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.
सूखी ऑर्गेनिक खाद तैयार करने का स्टेप्स
घर पर सूखी और दानेदार खाद बनाना भी बेहद आसान काम है. इसके लिए एक बड़ी प्लास्टिक की बाल्टी या मिट्टी का बड़ा मटका लें जिसके तले में 3-4 छोटे छेद हों जिससे हवा का वेंटिलेशन बना रहे. सबसे नीचे एक लेयर सूखे पत्तों, कोकोपीट या कार्डबोर्ड के छोटे टुकड़ों की बिछाएं. इसके ऊपर सब्जियों और फलों के छिलकों की एक परत डालें. हर परत के ऊपर थोड़ा सा सूखा चूना या गार्डन की पुरानी मिट्टी छिड़कते रहें.
जिससे बदबू बिल्कुल नहीं आएगी और कीड़े भी नहीं लगेंगे. इस तरह मटका भरते जाएं और ऊपर से ढक्कन बंद कर दें. हफ्ते में एक बार इस पूरे मिश्रण को ऊपर-नीचे पलटें ताकि नमी और हवा का बैलेंस बना रहे. लगभग 45 से 60 दिनों के अंदर यह पूरा कचरा पूरी तरह गलकर महकदार, गहरे भूरे रंग की दानेदार कंपोस्ट खाद में बदल जाएगा जो मिट्टी की जान होती है.
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पौधों के लिए इस होममेड खाद के फायदे
सब्जियों के छिलकों से बनी यह ऑर्गेनिक खाद मिट्टी कीवॉटर होल्डिंग कैपेसिटी को कई गुना बढ़ा देती है. जिससे गर्मियों में भी गमलों की मिट्टी जल्दी नहीं सूखती. यह मिट्टी में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया और केंचुओं को एक्टिव रखती है. जिससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं. हालांकि कंपोस्टिंग करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है. कभी भी खाद बनाने वाले डिब्बे में पका हुआ खाना, तेल, घी, मसालेदार ग्रेवी, मांस और डेयरी प्रोडक्ट्स न डालें.
यह चीजें सड़ने पर बदबू पैदा करती हैं और चूहों और फंगस को बुलावा देती हैं. इसके अलावा नींबू या संतरे जैसे बहुत ज्यादा खट्टे छिलकों का इस्तेमाल कम मात्रा में ही करें जिससे खाद का पीएच लेवल एसिडिक न हो जाए. महीने में एक बार दो मुट्ठी यह कंपोस्ट हर गमले में डालने से आपके पौधे बिना किसी केमिकल के हमेशा हरे-भरे बने रहेंगे.
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