आजकल बहुत से लोग अपने घर में किचन गार्डन बना रहे हैं, ताकि ताजी और शुद्ध चीजें आसानी से मिल सकें.  धनिया, पुदीना और हरी मिर्च की तरह तेज पत्ता भी एक ऐसा पौधा है जिसे घर में आसानी से उगाया जा सकता है. भारतीय रसोई में तेज पत्ते का इस्तेमाल दाल, सब्जी, पुलाव और कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है. इसकी खुशबू खाने का स्वाद बढ़ा देती है. अच्छी बात यह है कि एक बार पौधा तैयार हो जाए तो आपको बार-बार बाजार से तेज पत्ता खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. थोड़ी सी देखभाल और सही तरीका अपनाकर आप अपने घर की बालकनी, छत या आंगन में तेज पत्ते का पौधा आसानी से उगा सकते हैं. 

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सही गमला और मिट्टी का चुनाव है जरूरी

तेज पत्ते का पौधा लगाने के लिए सबसे पहले सही गमले का चुनाव करना जरूरी है.  इसके लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा गमला लेना चाहिए, ताकि जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. साथ ही मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी जमा न हो. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में 30% गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20% रेत या कोकोपीट मिलाएं. इससे मिट्टी में जलभराव नहीं होगा और जड़ें हेल्दी रहेंगी. पौधा लगाने के बाद मिट्टी को हल्का नम रखें. तेज पत्ते का पौधा धूप पसंद करता है, इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 4 से 6 घंटे धूप मिल सके.  पर्याप्त धूप मिलने से पौधा तेजी से बढ़ता है और पत्तियां भी अच्छी गुणवत्ता की होती हैं. 

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पानी और देखभाल का रखें खास ध्यान

कई लोग पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी डाल देते हैं, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं. तेज पत्ते के पौधे के साथ ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए.  जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखाई दे तभी पानी दें. गर्मियों में पानी की जरूरत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, जबकि सर्दियों में कम ही पानी देना चाहिए.  समय-समय पर पौधे की सूखी या खराब पत्तियों को हटाते रहें.  महीने में एक बार जैविक खाद डालने से पौधे की बढ़त बेहतर होती है. यदि पौधे पर कीड़े दिखाई दें तो नीम के तेल का स्प्रे किया जा सकता है.  इससे पौधा स्वस्थ बना रहता है और किसी रासायनिक दवा की जरूरत भी नहीं पड़ती. 

थोड़े धैर्य के बाद मिलने लगेगा भरपूर फायदा

तेज पत्ते का पौधा धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए इसमें थोड़ा धैर्य रखना जरूरी है. आमतौर पर पौधे को अच्छी तरह विकसित होने में कुछ महीने लग सकते हैं. पौधे को घना और स्वस्थ रखने के लिए उसकी देखभाल जरूरी है.  साल में दो बार फरवरी और सितंबर में अच्छी खाद दें.  घर में बनी चाय पत्ती की खाद या पुरानी गोबर खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं.  लेकिन ध्यान रहे कि जब इस्तेमाल की हुई चायपत्ती डालें, तो उसे अच्छी तरह से धो लें ताकि दूध और चीनी की वजह से फंगस का खतरा ना रहे.

 जब पौधा बड़ा हो जाए तो जरूरत के अनुसार पत्तियां तोड़कर इस्तेमाल की जा सकती हैं. ताजे तेज पत्तों की खुशबू बाजार में मिलने वाले सूखे पत्तों से कहीं ज्यादा अच्छी होती है.  साथ ही घर में हरियाली भी बनी रहती है. यदि आप भी अपने किचन गार्डन को और उपयोगी बनाना चाहते हैं तो तेज पत्ते का पौधा जरूर लगाएं.  

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