Summer Farming Tips: जून-जुलाई की कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी में जब खेतों का बोरवेल पूरी तरह सूख जाता है और आसपास सिंचाई के लिए कोई नहर भी नहीं होती तो किसानों के सामने फसलों को बचाने का एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाता है. पानी की भारी किल्लत के कारण हरी-भरी फसलें पल भर में मुरझाने लगती हैं. जिससे तगड़ा नुकसान होने का डर बना रहता है. लेकिन ऐसी मुश्किल घड़ी में भी आपको बिल्कुल घबराने या हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है.

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कुछ स्मार्ट, मॉडर्न और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर आप बेहद कम पानी में भी अपनी पूरी फसल को एकदम हरा-भरा और लहलहाता रख सकते हैं. इसके लिए बस आपको पानी की बर्बादी रोकनी होगी और सीधे पौधों की जड़ों तक नमी पहुंचाने का सही मैनेजमेंट करना होगा. आइए जानते हैं उन सुपरहिट और प्रैक्टिकल उपायों के बारे में जो इस भीषण सूखे में भी आपकी खेती को बचाएंगे.

आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनाएं

पारंपरिक रूप से पूरे खेत में पानी बहाकर सिंचाई करने का पुराना तरीका अब गर्मियों में बिल्कुल काम नहीं आने वाला, क्योंकि इससे पानी बहुत ज्यादा बर्बाद होता है. इसकी जगह आपको ड्रिप इरिगेशन या माइक्रो-स्प्रिंकलर जैसी एडवांस तकनीकों को तुरंत अपनाना चाहिए, जो सीधे पौधों की जड़ों में पानी देती हैं और वाष्पीकरण को रोककर 50 से 70 परसेंट तक पानी बचाती हैं. सिंचाई हमेशा सुबह या शाम के वक्त ही करें जिससे दोपहर की तेज धूप में पानी भाप बनकर न उड़े. 

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मल्चिंग से बचाएं पानी की बूंद-बूंद

इसके साथ ही अपने खेत में मल्चिंग का फॉर्मूला जरूर आजमाएं. पौधों के बीच की खाली जमीन को सूखी पत्तियों, पुआल या प्लास्टिक मल्च से अच्छी तरह ढक दें. इससे सीधी धूप मिट्टी पर नहीं पड़ेगी, जमीन की नमी लंबे समय तक लॉक रहेगी और फालतू घास-फूस भी नहीं उगेगी.

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एंटी-स्ट्रेस स्प्रे का छिड़काव 

कड़ी धूप और गर्म हवाओं यानी लू के थपेड़ों से फसलों को बचाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए कुछ कमाल के तनाव-रोधी स्प्रे बेहद असरदार साबित होते हैं. अपने पौधों पर सिलिकॉन युक्त लिक्विड का स्प्रे करें, जो पत्तियों पर एक पारदर्शी शीशे जैसी सेफ्टी लेयर बना देता है और तेज धूप को वापस रिफ्लेक्ट कर देता है जिससे पत्तियां ठंडी रहती हैं. इसके साथ सीवीड एक्सट्रैक्ट का छिड़काव करने से पौधे गर्मी के स्ट्रेस से बाहर आकर अपनी जड़ों को गहराई तक फैलाते हैं ताकि वे जमीन के अंदर से पानी सोख सकें. 

मेड़बंदी से फसलों को लू से बचाएं

सुरक्षा के लिए अपने खेत की मेड़ों के चारों ओर मक्का या अरहर जैसी ऊंची फसलें लगाएं जो नेचुरल विंडब्रेकर का काम करके गर्म हवाओं को खेत में घुसने से रोकेंगी. आगे के लिए मानसून आते ही सूखे बोरवेल के पास रिचार्ज पिट बनाकर बारिश का पानी फिल्टर करके उसमें डालें, जिससे वाटर लेवल फिर से बढ़ जाएगा.

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