Kitchen Garden Pests: गमले में लगी हरी भरी टमाटर, मिर्च और पालक की बेल अचानक मुरझाने लगे# पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद और सफेद धब्बे नजर आने लगें, तो समझ लीजिए एफिड्स, थ्रिप्स या व्हाइटफ्लाई जैसे कीड़ों ने डेरा जमा लिया है. ऐसे में सबसे पहला ख्याल बाजार भागकर केमिकल स्प्रे खरीदने का आता है, लेकिन असल में किचन में ही इसका पक्का और सुरक्षित इलाज छुपा बैठा है.

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नीम तेल का सही इलाज जानना है सबसे जरूरी

नीम का तेल गार्डनिंग की दुनिया में सबसे भरोसेमंद कीटनाशक माना जाता है. हालांकि, इसे सीधे इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए इसे सही मात्रा में पतला करना जरूरी है. एक लीटर पानी में करीब एक चम्मच यानी 5 मिलीलीटर नीम तेल और थोड़ा सा तरल साबुन मिलाकर घोल तैयार करें, साबुन मिलाने से तेल पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक जाता है. इस स्प्रे को हर 7 से 10 दिन में एक बार पत्तियों के ऊपरी और निचले, दोनों हिस्सों पर छिड़कें, यह एफिड्स, थ्रिप्स और व्हाइटफ्लाई तीनों पर असरदार साबित होता है.

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छिड़काव के लिए सही समय चुनना भी है जरूरी

नीम तेल का छिड़काव हमेशा सुबह या शाम के वक्त करना चाहिए, जब लाभकारी कीट सुप्त अवस्था में हों. दोपहर की तेज धूप में स्प्रे करने से बचें, क्योंकि इससे पत्तियां जल सकती हैं. यह सावधानी छोटी लगती है, लेकिन नतीजे पर बड़ा फर्क डालती है.

जान लें प्याज लहसुन का घोल का राज 

रसोई के मसाले भी यहां कमाल दिखाते हैं. एक प्याज और चार-पांच लहसुन की कलियां पीसकर एक लीटर पानी में मिलाएं, इसमें एक चम्मच काली मिर्च पाउडर भी डाल दें, फिर छानकर स्प्रे बोतल में भर लें. इस घोल की तेज गंध कीड़ों को पौधों के पास फटकने ही नहीं देती, और जिद्दी कीड़ों पर भी असर दिखाती है.

यह सीक्रेट तरीका करता है कमाल

एफिड्स जैसे मुलायम शरीर वाले कीड़ों के लिए हल्के साबुन वाले पानी का छिड़काव सबसे आसान और सस्ता उपाय है. यह कीड़ों की सांस लेने की प्रक्रिया को बाधित कर उन्हें खत्म करता है, वो भी बिना पौधे को कोई नुकसान पहुंचाए.

लगातार 3 4 बार इस्तेमाल से ही दिखता है पूरा असर

किसी भी देसी स्प्रे का असर एक ही बार में पूरी तरह नहीं दिखता. लगातार तीन से चार बार, वक्त पर छिड़काव करने से ही कीड़ों का जीवनचक्र पूरी तरह टूटता है. साथ ही हफ्ते में एक दो बार पत्तियों को पलटकर जांचना न भूलें, ताकि किसी नए संक्रमण को शुरुआत में ही रोका जा सके.

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