Fodder For Dairy Cow And Buffalo Cow: पशुपालन आज गांव देहात से लेकर शहरी इलाकों तक तेज़ी से बढ़ता कारोबार बन चुका है. हालांकि, ज्यादातर पशुपालकों को यही पता नहीं होता कि उनकी दुधारू गाय या भैंस को रोजाना कितना चारा दिया जाना चाहिए. गलत मात्रा में चारा देने से न सिर्फ दूध उत्पादन घटता है, बल्कि पशु की सेहत पर भी असर पड़ता है. आइए कृषि एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि एक दुधारू गाय-भैंस को रोजाना कितना हरा चारा, सूखा चारा और दाना देना चाहिए.

Continues below advertisement

हरे चारे की सही मात्रा क्या है

एक्सपर्ट्स की मानें तो दुधारू पशुओं को रोजाना कम से कम 5 किलोग्राम हरा चारा जरूर देना चाहिए, जिससे पशु को जरूरी पोषक तत्व मिल सकें. हरा चारा पशुओं की सेहत और दूध की क्वालिटी दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा, सिर्फ हरा चारा काफी नहीं होता, सूखे चारे की भी अपनी अहमियत है. एक वयस्क गाय या भैंस को लगभग 6 से 8 किलोग्राम सूखा चारा दिया जाना चाहिए, वहीं आम तौर पर गाय के शरीर के वजन का 2 प्रतिशत सूखा चारा यानी भूसा देना उचित रहता है.

यह भी पढें; Tomato Farming: टमाटर के पौधे में फूल आकर गिर जाते हैं? ये हो सकती है वजह

Continues below advertisement

दाना कितना देना चाहिए

दाने की मात्रा पशु के दूध देने की क्षमता पर निर्भर करती है. एक गाय को एक दिन में करीब तीन किलोग्राम दाना देना चाहिए, अगर वो रोज़ाना 10 लीटर दूध दे रही हो, जबकि 2 लीटर दूध देने वाली भैंस को एक दिन में एक किलोग्राम दाना ही काफी रहता है. साफ है कि जैसे-जैसे दूध की मात्रा बढ़ती है, दाने की मात्रा भी उसी हिसाब से बढ़ानी पड़ती है.

दूध के हिसाब से बढ़ाएं चारे की मात्रा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक दुधारू पशुओं को हर लीटर दूध पर 400 से 500 ग्राम अतिरिक्त चारा देना चाहिए, ताकि दूध उत्पादन में गिरावट न आए. इसी तरह बिसुखी यानी दूध न देने वाली गाय को रोजाना एक किलोग्राम दाना देना ही पर्याप्त रहता है. सिर्फ मात्रा ही नहीं, चारा देने का तरीका भी मायने रखता है. विशेषज्ञों की सलाह है कि पशुओं को पूरा चारा एक साथ देने की बजाय दिन में 3 से 4 बराबर हिस्सों में बांटकर खिलाना ज़्यादा फायदेमंद रहता है, इससे पाचन बेहतर होता है और दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है.

इन बातों को न करें नजरअंदाज

सिर्फ चारा और दाना ही काफी नहीं, पशुओं की सेहत के लिए मिनरल मिक्सचर भी उतना ही जरूरी है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पशुओं के आहार में नियमित रूप से मिनरल मिक्सचर शामिल किया जाए, ताकि पोषक तत्वों की कमी न हो और दूध की मात्रा लंबे समय तक बनी रहे.

यह भी पढें; अगस्त में करें इन तीन सब्जियों की खेती, होगी मोटी कमाई