Gujarat Drought Relief: गुजरात में इस बार मॉनसून की बेरुखी किसानों पर भारी पड़ गई है. बारिश की कमी से कई इलाकों में खेत सूखने लगे हैं और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. हालात ऐसे हैं कि किसानों के सामने अगली खेती के साथ पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है. इसी बीच गुजरात सरकार ने किसानों को राहत देते हुए चार जिलों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है. 

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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने फसल खराब होने पर किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने का ऐलान किया है. इसके अलावा पशुओं के लिए सस्ते चारे और ग्रामीण परिवारों को 150 दिनों का रोजगार देने का भी फैसला लिया गया है.

गुजरात के किन 4 जिलों में पड़ा सूखा?

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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूखे की स्थिति की समीक्षा करने के बाद देवभूमि द्वारका, कच्छ, जामनगर और पोरबंदर को सूखा प्रभावित घोषित किया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस मॉनसून में गुजरात में सामान्य के मुकाबले करीब 89 फीसदी बारिश हुई. हालांकि, इन चार जिलों में बारिश काफी कम रही. इसी वजह से खेतों में पानी की कमी हो गई और फसलों को नुकसान पहुंचा. सरकार ने केंद्र के सूखा आकलन नियमों के आधार पर यह फैसला लिया है.

किसानों को कितनी मिलेगी राहत राशि?

सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों में फसल खराब होने पर किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन तक मिलेगी. यानी पात्र किसान को अधिकतम 17,000 रुपये की राहत मिल सकती है. राहत राशि फसल के नुकसान और सरकारी नियमों के आधार पर दी जाएगी. सरकार के मुताबिक, ये फैसले 1 नवंबर 2026 से लागू होंगे.

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पशुओं के लिए 2 रुपये किलो मिलेगा चारा

सूखे का असर केवल फसलों पर नहीं, बल्कि पशुपालन करने वाले किसानों पर भी पड़ रहा है. चारे की कमी दूर करने के लिए सरकार ने रियायती दर पर पशु चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक करीब 1.21 करोड़ किलो चारा 2 रुपये प्रति किलो की दर से बांटा जा चुका है. वहीं, सरकार के पास अभी लगभग 3 करोड़ किलो चारे का स्टॉक मौजूद है.

पशु शिविरों में मिलेगी 80 रुपये की मदद

सूखा प्रभावित इलाकों में बनाए गए पशु शिविरों में रखे जाने वाले जानवरों की देखभाल के लिए भी सहायता मिलेगी. सरकार प्रति पशु रोजाना 80 रुपये की मदद देगी. शुरुआती दो महीने तक यह सहायता तय राहत नियमों के तहत मिलेगी. इसके बाद जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार खर्च उठाएगी.

ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 150 दिन का रोजगार

सूखे के कारण खेतों में काम कम होने से ग्रामीण मजदूरों की कमाई भी प्रभावित हो सकती है. इसे देखते हुए सरकार ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का फैसला किया है. 

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