भारत में बहुत से लोगों को तीखा खाना पसंद होता है. तीखे के लिए खाने में मिर्च की मात्रा सही होनी चाहिए. कुछ लोग हरी मिर्च का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. तो कई लोग पिसी हुई लाल मिर्च से तीखापन बढ़ाते हैं. लेकिन अक्सर लाल मिर्च पाउडर में मिलावट की खबरें आती रहती हैं. अगर आप नहीं चाहते इसकी क्वालिटी से सौदा करना. तो फिर आप अपने घर की छत पर ताजी और तीखी लाल मिर्च खुद ही उगा सकते हैं. इस काम का भी अपना ही एक अलग मजा है. 

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मिर्च का पौधा घर के छोटे से गमले में भी बेहद आसानी से तैयार हो जाता है. कई बार लोग बड़े शौक से पौधा तो लगा लेते हैं. पर कुछ ही दिनों में फूल झड़ने लगते हैं या पत्तियां मुड़कर सूखने लगती हैं. क्योंकि सही तकनीक और तरीके इस्तेमाल नहीं किए जाते हैं. अगर अगर सही तकनीक, सही मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल का ध्यान रखते हैं. तो एक ही गमले से आपको पूरे साल भर ढेर सारी तीखी मिर्च मिल सकती है. किचन गार्डनिंग का यह तरीका बहुत आसान है और इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती. चलिए आपको बताते हैं कि गमले में कैसे उगा सकते हैं तीखी लाल मिर्च.

इस तरह करें उगाने की शुरुआत

अपने घर में मिर्च उगाने के लिए सबसे पहले कम से कम 10 से 12 इंच का गमला लेना होगा. जिसके नीचे ड्रेनेज होल यानी पानी निकलने का छेद जरूर बना हो. इसके बाद मिट्टी तैयार करने की बारी आती है मिर्च के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें पानी बिल्कुल न रुके. इसके लिए 50 फीसदी सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 फीसदी सड़ी हुई गोबर की खाद और 20 फीसदी रेत मिलाकर एक बढ़िया पोटिंग मिक्स बना लें. 

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बीज के लिए आप रसोई में मौजूद सूखी लाल मिर्च के मोटे और सही बीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप चाहें तो किसी अच्छी नर्सरी से हाइब्रिड बीज भी ले सकते हैं. बीजों को मिट्टी में आधा इंच गहराई पर दबाएं और ऊपर से हल्का पानी छिड़क दें. लगभग 7 से 10 दिनों में छोटे पौधे बाहर निकल आएंगे. जब पौधे 4 से 5 इंच लंबे हो जाएं तो उन्हें बड़े गमले में अलग-अलग जगह लगा दें.

इन बातों का रखें ध्यान

मिर्च के पौधे को सबसे ज्यादा जरूरत अच्छी धूप की होती है. गमले को ऐसी खुली जगह पर रखें जहां दिन भर में कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो क्योंकि कम धूप मिलने पर पौधे में फल और फूल नहीं बनते. पानी देते समय हमेशा ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी कभी भी दलदली न बने जब ऊपर की 1 इंच मिट्टी सूखी लगे तभी पानी डालें. पौ

पौधे को घना बनाने के लिए जब पौधा 6 से 8 इंच का हो जाए तो ऊपर से उसकी मुख्य टहनी की हल्की प्रूनिंग यानी 2G कटिंग कर दें. ऐसा करने से पौधे में साइड से ढेर सारी नई शाखाएं फूटेंगी. जितनी ज्यादा शाखाएं होंगी, कलियां और मिर्चें भी उतनी ही ज्यादा लगेंगी. इसके अलावा जब पौधे पर फूल आने लगें तो पानी की मात्रा थोड़ी कम कर दें. जिससे फूल नहीं झडेंगे.

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फूल झड़ने से रोकने के उपाय

अक्सर मिर्च के पौधे में मरोड़िया रोग यानी लीफ कर्ल और माहू कीट का खतरा रहता है. जिससे पत्तियां मुड़ जाती हैं. इससे बचाव के लिए हर 15 दिन में 5ml नीम के तेल का स्प्रे पत्तियों के दोनों तरफ अच्छी तरह करें. पौधे को लगातार पोषण देने के लिए महीने में एक बार दो मुट्ठी वर्मीकंपोस्ट और आधा चम्मच सीवीड दानेदार खाद गमले की गुड़ाई करके जड़ों के पास डालें. 

पोटाश की कमी पूरी करने के लिए आप केले के छिलके का लिक्विड फर्टिलाइजर भी दे सकते हैं. जिससे मिर्च का साइज बड़ा और तीखापन एकदम बढ़िया बनता है. जब मिर्चें पूरी तरह पककर गहरे लाल रंग की हो जाएं. तभी उन्हें कैंची से काट सकते हैं. 

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