खेती-किसानी के मौसम में यूरिया और डीएपी खाद लेने के लिए दुकानों के बाहर घंटों लाइन में खड़ा रहना किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. फसल की बुवाई का समय निकलता जाता है और किसान खाद के लिए एक केंद्र से दूसरे केंद्र के चक्कर काटते रहते हैं. कई बार सुबह पहुंचने के बाद भी स्टॉक खत्म होने की वजह से खाली हाथ लौटना पड़ता है. लेकिन अब मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खाद लेने की यह प्रक्रिया काफी आसान होने जा रही है.

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मध्य प्रदेश सरकार के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने खाद की बुकिंग के लिए व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट सिस्टम शुरू किया है. यानी किसान अपने मोबाइल फोन से घर बैठे खाद के लिए टोकन ले सकेंगे. इसके लिए उन्हें बार बार खाद केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी. पहचान और जमीन का सत्यापन भी ऑनलाइन होगा. इसके बाद किसान उपलब्ध खाद, मात्रा, विक्रेता और उठाने की तारीख चुन सकेंगे. बुकिंग पूरी होने पर व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड वाला डिजिटल टोकन मिलेगा. इस व्यवस्था से किसान को पहले ही पता चल जाएगा कि खाद कहां से और किस दिन लेनी है.

मोबाइल से ऐसे शुरू होगी खाद की बुकिंग

व्हाट्सएप से खाद बुक करने की प्रोसेस काफी आसान है. किसान को सबसे पहले कृषि विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप बिजनेस नंबर पर मैसेज भेजना होगा. चैट में HELP या FERTILIZER लिखकर भेजने के बाद चैटबॉट आगे की प्रोसेस खुद बताएगा.

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इसके बाद किसान से उसका रजिस्टर्ड आधार नंबर मांगा जाएगा. आधार नंबर दर्ज करने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा. इस ओटीपी को व्हाट्सएप चैट में दर्ज करना होगा. ओटीपी सही होने पर किसान की पहचान का वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा.

इसके बाद सिस्टम किसान की खेती से जुड़ी जानकारी दिखाएगा. इसमें जमीन, जिला और खसरा नंबर जैसी जानकारी शामिल होगी. किसान को इन जानकारियों को ध्यान से देखकर कन्फर्म करना होगा. इस तरह किसान की पहचान और जमीन से जुड़ी पात्रता की जांच ऑनलाइन ही हो जाएगी. यानी खाद लेने के लिए अलग से कागजी प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत कम हो जाएगी.

खाद और सेंटर अपनी सुविधा से चुनें

वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद खाद की बुकिंग का अगला चरण शुरू होगा. चैटबॉट किसान से पूछेगा कि उसे किस तरह की खाद चाहिए और कितनी मात्रा चाहिए. उपलब्ध स्टॉक के मुताबिक यूरिया, डीएपी समेत दूसरे उर्वरकों के ऑप्शन दिखाई देंगे.

किसान अपनी फसल की जरूरत के हिसाब से खाद और उसकी मात्रा चुन सकेगा. इसके बाद सिस्टम उपलब्ध खाद विक्रेताओं और वितरण केंद्रों की जानकारी दिखाएगा. किसान अपने ब्लॉक में उपलब्ध सेंटर में से अपने हिसाब से कोई ऑप्शन चुन सकता है.

इसके साथ खाद लेने की तारीख चुनने का ऑप्शन भी मिलेगा. यानी किसान अपनी सुविधा के हिसाब से तय कर सकेगा कि उसे किस दिन खाद उठानी है. आपको बता दें कि ऑप्शन उपलब्ध स्टॉक के आधार पर दिखाई देंगे. इससे किसान को पहले से पता रहेगा कि चुने गए सेंटर पर उसकी जरूरत की खाद उपलब्ध है.

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व्हाट्सएप पर मिलेगा क्यूआर कोड वाला टोकन

खाद, मात्रा, सेंटर और तारीख चुनने के बाद किसान को डिजिटल टोकन जारी किया जाएगा. यह टोकन व्हाट्सएप पर ही आएगा और इसमें जरूरी जानकारी दी जाएगी. इसमें टोकन नंबर, खाद का प्रकार, बोरियों की संख्या, विक्रेता का नाम, खाद उठाने की तारीख और टोकन की वैधता जैसी जानकारी शामिल होगी.अब किसान को तय तारीख पर संबंधित खाद केंद्र पहुंचना होगा.

वहां मोबाइल में आया क्यूआर कोड दिखाकर अपनी बुकिंग की वेरिफाई करानी होगी. इसके बाद तय सरकारी रेट के अनुसार भुगतान करके खाद ली जा सकेगी.इस पूरी व्यवस्था का फायदा यह है कि किसान को खाद के लिए बार बार दुकान के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. पहले से टोकन मिलने से लंबी लाइन और स्टॉक खत्म होने की परेशानी भी कम हो सकती है. 

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