Green Vegetables Growing Tips: खेत में हरी सब्जियां उगाना आजकल हर किसी का पसंदीदा शौक बन चुका है. ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां सेहत के लिए जितनी अच्छी होती हैं. इन्हें उगाने का प्रोसेस भी उतना ही मजेदार होता है. लेकिन कई बार बहुत ज्यादा मेहनत करने के बाद भी पौधों में वैसी ग्रोथ नहीं दिखती या सब्जियां आने से पहले ही पौधे सूख जाते हैं.

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इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हम अनजाने में गार्डनिंग से जुड़ी कुछ बहुत ही बेसिक गलतियां कर बैठते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो बीज चुनने से लेकर पानी देने के तरीके तक में की गई छोटी सी चूक पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है. अगर आप भी अपनी हरी सब्जियों को एकदम फ्रेश और हेल्दी रखना चाहते हैं. तो स्मार्ट गार्डनिंग की इन  तकनीकों को समझना बेहद जरूरी है.

मिट्टी की तैयारी में होने वाली बड़ी चूक

अक्सर लोग हरी सब्जियां लगाते समय किसी भी नॉर्मल मिट्टी का इस्तेमाल कर लेते हैं. जो कि सबसे बड़ी गलती है. सब्जियों के बेहतर विकास के लिए मिट्टी का हल्का, भुरभुरा और न्यूट्रिशन से भरपूर होना बेहद जरूरी है. सिर्फ सामान्य मिट्टी के बजाय उसमें कोकोपीट, वर्मीकंपोस्ट और नीम खली मिलाकर एक बढ़िया पॉटिंग मिक्स तैयार करना चाहिए. 

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सही बीजों का चुनाव

हरी सब्जी उगाने में सबसे बड़ी लापरवाही खराब क्वालिटी के बीजों को चुनने में होती है. लोकल या पुराने बीजों की वजह से पौधे कमजोर रह जाते हैं और उनमें बीमारियां लगने का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमेशा किसी भरोसेमंद ब्रांड के हाइब्रिड और रोग-प्रतिरोधी बीजों का ही चुनाव करें जिससे पौधों में जर्मिनेशन अच्छा हो और वे मौसम के बदलावों को आसानी से झेल सकें.

सिंचाई का गलत तरीका 

सब्जियों के पौधों में पानी देने का कोई फिक्स टाइम या नियम न होना भी एक कॉमन मिस्टेक है. कई लोग गमलों में हर समय पानी भरकर रखते हैं जिससे पौधों की जड़ें सड़ जाती हैं और फंगस का अटैक हो जाता है. गार्डनिंग का नियम यह कहता है कि पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी दिखाई दे और हमेशा सुबह या शाम के वक्त ही सिंचाई करें. 

धूप का सही बैलेंस रखें

इसके साथ ही हरी सब्जियों जैसे पालक, मेथी, मिर्च और टमाटर को बढ़ने के लिए कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप की जरूरत होती है. पौधों को ऐसी जगह पर रखने की गलती बिल्कुल न करें जहां बिल्कुल अंधेरा या छांव हो. धूप और पानी का सही बैलेंस रखकर आप अपनी सब्जियों की पैदावार को कई गुना बढ़ा सकते हैं.

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