Crop Grafting Benefit: किसान अधिक पैदावार के लिए नई नई तकनीक प्रयोग कर रहे हैं. किसानों की कोशिश रहती है कि कम जगह में कम लागत से अधिक पैदावार मिल सके. ग्राफ्टिंग ऐसी ही तकनीक है. इससे एक पौधे पर कई तरह की फसलों को उगाया जा सकता है. इसका लाभ यह है कि फसल उगाने के लिए अधिक स्पेस नहीं चाहिए होता है और अलग अलग पौधे के लिए कीटनाशक या सिंचाई के लिए पानी की अधिक जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसी ही तकनीक के जरिए हिमाचल के किसान ने कमाल कर दिया है. कमरे भर जगह में उन्होंने बंपर पैदावार पा ली. दूसरे लोग भी किसान से प्रेरणा ले रहे हैं. 

आलू के पौधे पर उगाएं टमाटर और बैंगनमीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्राफ्टिंग के जरिए यह कमाल हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी किसान परविंद्र सिंह ने किया है. उन्होंने ग्राफ्टिंग के जरिए आलू के पौधे पर टमाटर और बैगन की फसल उगाई है. उनका कहना है कि कम जगह पर अधिक सब्जी उत्पादन के लिए यह तकनीक कारागर है. लोग घरों में गमले में भी ऐसी फसल उगाकर अच्छी पैदावार पा सकते हैं. डेढ़ माह में आलू के पौधे पर टमाटर और बैगन आना भी शुरू हो गए हैं. 

अन्य किसानों को दे रहे प्रशिक्षणकिसान परविंद्र सिंह ने बताया कि डेढ़ महीने पहले आलू उगाया गया. जब आलू की उपज सही हुई तो उसमें ग्राफ्टिंग के जरिए टमाटर की पैदावार की गई. इसी तरह बैगन उगा दिया गया. एक ही पौधे पर तीन तीन फसलों की बढ़िया उपज देखकर परविंद्र खुश हुए. अब उन्होंने अन्य लोगों को भी इसका प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है. अन्य लोग भी इसके लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं. उनका कहना है कि जल्द ही एक नर्सरी तैयार की जाएगी. इससे एक जगह ही पर इस तरह की फसलों का उत्पादन हो सकेगा. 

क्या होती है ग्राफ्टिंग तकनीकएक पौधे पर कई तरह के पौधे उगाना ग्राफ्टिंग तकनीक कहा जाता है. इसमें एक पौधे के ऊतक को दूसरे पौधे के ऊतकों में प्रवेश कराया जाता है. यदि और अधिक पौधे एक ही पौधे पर लगाने हों, तो यही प्रोसेस अपनाया जाता है. इस तकनीक से एक पौधे पर कई तरह के पौधे उगा दिए जाते हैं. इस तकनीक में अलैंगिक प्रजनन से पौधे तैयार किए जाते हैं.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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