आज के समय में रोजगार केवल बड़े शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है. आप अपने गांव या छोटे शहर में रहकर भी एक मजबूत और लाभदायक बिजनेस शुरू कर सकते हैं. मछली पालन ऐसा ही एक उभरता हुआ विकल्प है, जो आज के युवाओं के लिए अच्छी कमाई का जरिया बनता जा रहा है. चलिए जानते हैं इससे जुड़ी हुई योजना के बारे में.

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क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)?

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाना है. इस योजना के तहत सरकार फाइनेंशियल सपोर्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और सब्सिडी प्रदान करके मछली पालन को बढ़ावा देती है. यह योजना मछली पालन, मोती उत्पादन (पर्ल कल्चर) और सीवीड की खेती जैसे विभिन्न प्रकार के एक्वाकल्चर प्रोजेक्ट्स को समर्थन देती है.

सब्सिडी और फाइनेंशियल सपोर्ट 

इस योजना के तहत कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट पर जनरल कैटेगरी को 40% तक और एससी/एसटी व महिलाओं को 60% तक सब्सिडी दी जाती है. इससे कम निवेश में भी लोग अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे उसे बढ़ा सकते हैं.

ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट

स्किल डेवलपमेंट की जिम्मेदारी नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (NFDB) के पास है, जो विशेष रूप से इन ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के लिए काम करता है. इन ट्रेनिंग्स में बायोफ्लॉक और रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) जैसी आधुनिक तकनीकों को सिखाया जाता है. इसके अलावा योजना के तहत सरकार तालाब और टैंक निर्माण में मदद करती है. साथ ही समय-समय पर उच्च गुणवत्ता वाले फिश सीड्स और मछलियों के लिए बेहतर फीड से जुड़े जरूरी इनपुट्स भी उपलब्ध कराती है, जिससे उत्पादन और मुनाफा बढ़ाया जा सके.

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