Dairy Farming Tips:  हमारे देश में जब भी कोई किसान डेयरी का बिजनेस शुरू करने की सोचता है. तो उसके दिमाग में सबसे पहला ख्याल भैंस पालने का ही आता है. लोगों को लगता है कि ज्यादा और गाढ़ा दूध चाहिए तो भैंस बेस्ट है. लेकिन अब ऐसा नहीं रहा है आजकल गायों की कुछ ऐसी एडवांस नस्लें सामने आ रही हैं जो दूध के मामले में भैंसों को भी पीछे छोड़ रही हैं. 

Continues below advertisement

अगर आप भी कम खर्च में अपने डेयरी बिजनेस से बंपर मुनाफा कमाना चाहते हैं. तो इन खास गायों पर दांव लगाने का यह बिल्कुल सही वक्त है. यह गायें न सिर्फ आपके पूरे घर को दूध से भर देंगी बल्कि फैट के मामले में भी भैंस की बराबरी करके आपको बाजार में दूध की सबसे बेस्ट कीमत दिलाएंगी. किसान भाई जान लें अपने काम की बात.

गिर और एचएफ की क्रॉस ब्रीड गाय

पशुपालन के क्षेत्र में आजकल क्रॉस ब्रीड एचएफ गायों को रखना बहुत तेजी से बढ़ रहा है. खासकर जब उन्हें हमारी देसी गिर नस्ल के साथ क्रॉस कराया जाता है. गिर नस्ल के पशु अपनी मजबूत कद-काठी और भारी शरीर के लिए जाने जाते हैं. जब इस मजबूत नस्ल से क्रॉस ब्रीड गाय तैयार होती है. तो उसके दूध देने की क्षमता में जादुई बढ़ोतरी होती है. 

Continues below advertisement

रोजाना देती है 20 लीटर तक दूध

यह खास क्रॉस ब्रीड गाय हर रोज सुबह करीब 10 लीटर और शाम को 10 लीटर यानी पूरे दिन में आराम से 20 लीटर तक दूध दे देती है. दूध की यह बंपर मात्रा किसी भी आम भैंस या साधारण गाय के मुकाबले कहीं ज्यादा है. जो किसानों की रोज की कमाई को सीधा डबल कर देती है.

यह भी पढ़ें: गोबर से कैसे बनती है CNG, क्या घर पर भी बना सकते हैं गैस?

भैंस जैसा गाढ़ा दूध

आमतौर पर गाय के दूध को लेकर डेयरी किसानों की सबसे बड़ी शिकायत यही होती है कि उसमें फैट कम निकलता है. जिससे बाजार में दाम अच्छे नहीं मिलते. लेकिन इस क्रॉस ब्रीड गाय ने इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है. इसके दूध में फैट की मात्रा लगभग 6 प्रतिशत तक पाई जाती है. जो बिल्कुल किसी भैंस के दूध के बराबर ही गाढ़ा और शानदार माना जाता है. 

सामान्य रखरखाव में भारी बचत

इसमें पशुपालकों के लिए और अच्छी बात यह है कि इतना बेहतरीन प्रोडक्शन देने के बावजूद इस गाय को किसी वीआईपी ट्रीटमेंट या बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं पड़ती. अन्य सामान्य गायों की तरह ही इसका खानपान और देखरेख बेहद सिंपल होती है. जिससे पशुपालकों का एक्स्ट्रा खर्च बचता है और मुनाफा सीधा जेब में आता है.

यह भी पढ़ें: बायोगैस प्लांट बनाने के लिए कितनी सब्सिडी देती है सरकार, हर महीने मिलेगी दो सिलेंडर जितनी गैस