Crop Protection Tips: किसान दिन-रात खेतों में मेहनत कर फसल को तैयार करते हैं. लेकिन कई बार पौधों में अचानक ऐसे बदलाव दिखने लगते हैं, जो आगे चलकर पूरी फसल को बर्बाद कर सकते हैं. पत्तियों का पीला पड़ना, पौधों पर धब्बे दिखना या पत्तियों का मुड़ने लगना ऐसी ही कुछ निशानियां हैं. 

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कई किसान शुरुआत में इन्हें सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यही लापरवाही बाद में फसल नुकसान और पैदावार घटने की वजह बन सकती है. ऐसे में जरूरी है कि, किसान समय रहते फसल में दिखने वाले इन बदलावों को पहचानें और सही कदम उठाएं. इससे नुकसान का खतरा कम होता है

पत्तियों का पीला पड़ना न करें नजरअंदाज

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अगर फसल की पत्तियां हरी रहने के बजाय पीली पड़ने लगे, तो इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं. खेत में पानी ज्यादा भरना, पोषक तत्वों की कमी या किसी रोग का हमला इसकी वजह बन सकता है. वहीं, अगर पत्तियों पर पीले या भूरे रंग के धब्बे बनने लगें, तो यह फफूंद या दूसरे रोगों का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में सबसे पहले पौधों को ध्यान से देखें और पता लगाएं कि, परेशानी खेत के कुछ हिस्सों में है या पूरी फसल में फैल रही है. इसके बाद कृषि एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही कदम उठाएं.

पौधों की पत्तियां मुड़ें या सूखने लगें

फसल की पत्तियों का मुड़ना, सिकुड़ना या किनारों से सूखना भी खतरे की निशानी हो सकती है. कई बार कीटों के हमले से पत्तियों का आकार बदलने लगता है. वहीं, कुछ रोगों में पौधों की बढ़वार रुक जाती है और नई पत्तियां ठीक से विकसित नहीं हो पातीं. अगर पौधे अचानक मुरझाने लगें, जबकि खेत में नमी पर्याप्त हो, तो जड़ों या तने से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है. ऐसी स्थिति में पौधों की जड़ों और तने को भी ध्यान से जांचना चाहिए.

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फूल और फल में बदलाव भी देते हैं संकेत

अगर फसल में फूल आने के बाद वे गिरने लगें या फल बनने कम हो जाएं, तो इसे भी हल्के में न लें. सब्जियों और दूसरी फसलों में फल पर धब्बे, सड़न या असामान्य आकार दिखाई देना रोग या कीट के हमले का संकेत हो सकता है. हालांकि, पानी की कमी, ज्यादा गर्मी और पोषण की कमी से भी ऐसे बदलाव हो सकते हैं. इसलिए बिना वजह जाने किसी दवा का छिड़काव करना ठीक नहीं है.

नुकसान से बचने के लिए क्या करें?

  • फसल में कोई बदलाव दिखते ही सबसे पहले प्रभावित पौधों की पहचान करें. 
  • खेत में पानी जमा न होने दें और जरूरत के हिसाब से सिंचाई करें. 
  • रोग से प्रभावित पौधों या पत्तियों को हटाने से पहले यह पता कर लें कि, ऐसा करना सही है या नहीं. 
  • साथ ही, कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह से ही सही दवा चुनें.
  • बिना पहचान के बार-बार कीटनाशक या फफूंदनाशक डालने से बचें.

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