Cold Storage in India: किसान खेतों में दिन-रात मेहनत करने के बाद आलू, फल और सब्जियों की फसल तैयार करते हैं. लेकिन कई बार सही भाव न मिलने पर उन्हें अपनी उपज को सस्ते दाम में बेचनी पड़ती है. वहीं भंडारण की सुविधा नहीं होनो पर फसल खराब होने का डर भी बना रहता है. ऐसे में कोल्ड स्टोरेज किसानों के बड़े काम आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं देश में टोटल कितने कोल्ड स्टोरेज मौजूद है और किस राज्य में सबसे ज्यादा स्टोरेज की जगह है?

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में लगभग 8,831 कोल्ड स्टोरेज हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 4 करोड़ टन से ज्यादा है. आइए जानते हैं कि कोल्ड स्टोरेज के मामले में कौन सा राज्य सबसे आगे है और बाकी राज्यों की क्या स्थिति है.

देशभर में 8,831 कोल्ड स्टोरेज

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सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, 31 जनवरी 2026 तक देश में कुल 8,831 कोल्ड स्टोरेज दर्ज थे. इनकी कुल भंडारण क्षमता करीब 4.03 करोड़ टन बताई गई थी. इसका मतलब है कि, इतनी मात्रा में कृषि उपज और दूसरी चीजें रखने की क्षमता देश के कोल्ड स्टोरेज में मौजूद है.

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज

कोल्ड स्टोरेज की संख्या और भंडारण क्षमता, दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 2,489 कोल्ड स्टोरेज हैं. इनमें करीब 1.51 करोड़ टन सामान रखने की क्षमता है. उत्तर प्रदेश में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है. ऐसे में कोल्ड स्टोरेज किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने और बाजार में सही समय पर बेचने का मौका देते हैं.

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दूसरे राज्यों में क्या है स्थिति?

  • उत्तर प्रदेश के बाद कोल्ड स्टोरेज की संख्या में गुजरात का स्थान है. 
  • गुजरात में 1,032 कोल्ड स्टोरेज हैं, जिनकी क्षमता करीब 40.86 लाख टन है.
  • वहीं, पश्चिम बंगाल में 517 कोल्ड स्टोरेज हैं, लेकिन इनकी भंडारण क्षमता करीब 59.53 लाख टन है. 
  • पंजाब में 780 कोल्ड स्टोरेज हैं, जिनमें करीब 26.43 लाख टन सामान रखा जा सकता है.
  • बिहार में 316 कोल्ड स्टोरेज हैं और इनकी क्षमता करीब 14.90 लाख टन है.

किसानों के लिए क्यों जरूरी हैं कोल्ड स्टोरेज?

आलू, फल और कई सब्जियां कटाई के बाद ज्यादा समय तक खुले में नहीं रखी जा सकतीं. गर्मी और गलत रखरखाव से इनकी क्वालिटी खराब होने लगती है. कोल्ड स्टोरेज में सही तापमान पर उपज रखने से नुकसान कम किया जा सकता है. इससे किसान तुरंत फसल बेचने के बजाय कुछ समय इंतजार भी कर सकते हैं. हालांकि, भंडारण का किराया और बाद में मिलने वाला बाजार भाव भी देखना जरूरी है.

क्या हर किसान को मिलती है सुविधा?

देश में हजारों कोल्ड स्टोरेज होने के बावजूद सभी किसानों को इनका फायदा आसानी से नहीं मिल पाता. कई गांवों से कोल्ड स्टोरेज दूर हैं, जबकि कुछ जगह भंडारण का खर्च ज्यादा पड़ता है. ऐसे में किसानों को फसल रखने से पहले नजदीकी कोल्ड स्टोरेज का किराया, खाली जगह और उपज रखने की शर्तें जरूर पता कर लेनी चाहिए.

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