CM Drought Relief Scheme: इस साल मौसम की अनिश्चितताओं के चलते कई राज्यों मे भारी नुकसान देखने को मिला. उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र से लेकर दक्षिण के कई राज्यों में बारिश की अनियमितताओं से बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हुईं. इसके लिए केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक भरपाई की जा रही है. कुछ किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भरपाई की जा रही है तो कुछ किसानों को राज्य सरकार की तरफ से राहत मुआवजा दिया जा रहा है.

इस कड़ी में झारखंड सरकार ने भी प्रति किसान परिवार 3,500 रुपये का सुखाड़ राहत मुआवजा देने का ऐलान किया है, हालांकि इसके लिए एक शर्त भी रखी है कि किसानों को ई-केवाईसी करवानी होगी, जिसके चार्ज मात्र 1 रुपये रखा गया है. इसका फायदा उन किसानों को भी होगा, जो पीएम किसान योजना (PM Kisan eKYC) का लाभ ले रहे हैं, क्योंकि ई-केवाईसी ना करवाने की वजह से कई किसानों की 12वीं किस्त अटक गई है, जिसे रिलीज किया जा सकता है. बहरहाल, आइए जानते हैं मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना का लाभ लेने की प्रोसेस के बारे में.

किन किसानों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना झारखंड सरकार ने सूखा प्रभावित किसान परिवारों के लिए चलाई है. इसका लाभ सिर्फ झारखंड के किसान ही ले पाएंगे. इस स्कीम के तहत झारखंड के 22 जिलों में 226 सूखा ग्रस्त प्रखंडों के सूखा प्रभावित किसान परिवारों को 3,500 रुपये का राहत अनुदान दिया जा रहा है. इस स्कीम का लाभ लेने के लिए https://msry.jharkhand.gov.in पर अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस काम के लिए आपको सिर्फ 1 रुपये का भुगतान करना होगा, जो राज्य सरकार ने निर्धारित किया है.

कौन-कौन से दस्तावेज लगेंगे

ऑनलाइन आवेदन के लिए राज्य सरकार ने कुछ आवश्यक सूचनाएं और दस्तावेजों की लिस्ट बताई है, जिसे आवेदन फॉर्म के साथ अटैच करना अनिवार्य है.

  • आधार कार्ड नंबर
  • मोबाइल नंबर
  • आधार से लिंक बैंक खाता विवरण
  • भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद
  • वंशावली (मुखिया/ग्राम प्रधान/ राजस्व कर्मचारी/ अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत)
  • मतदाता पहचान पत्र (सिर्फ भूमिहीन किसानों के लिए)

इन बातों का रखें खास ध्यान

जानकारी के लिए बता दें कि राज्य के 10 जिलों के 38 प्रखंड़, जो सूखा से अप्रभावित हैं, वहां झारखंड राज्य फसल राहत योजना पहले से ही लागू है. इन प्रखंडों के किसान आवेदन करने के लिए https://jrfry.jharkhand.gov.in पर विजिट कर सकते हैं.

  • 3,500 रुपये का सूखा राहत मुआवजा पूरी तरह से खेती पर निर्भर किसान परिवारों को दिया जाएगा.
  • जिन किसानों ने साल 2022 के खरीफ सीजन में बुवाई नहीं की, लेकिन पहले परंपरागत तौर पर बुवाई करते आ रहे हों, लाभ के हकदार होंगे.
  • खरीफ सीजन 2022 में जिन किसानों की खेती में 33 फीसदी या अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें भी सूखा राहत मुआवजा मिलेगा.
  • इन भूमिहीन किसानों को भी शामिल किया गया है, जिनकी आजीविका खेती पर ही निर्भर है, लेकिन इस साल सूखा के कारण उनका जनजीवन प्रभावित हुआ है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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