Brinjal In Kitchen Garden: घर के किचन गार्डन में खुद की उगाई हुई एकदम फ्रेश और केमिकल-फ्री सब्जियां तोड़ने का मजा ही कुछ और होता है. अगर आप भी अपने गार्डन या गमले में सब्जियां उगाने की सोच रहे हैं, तो बैंगन से बेहतर शुरुआत कुछ और नहीं हो सकती. भरता बनाना हो, कलौंजी या फिर आलू-बैंगन की मसालेदार सब्जी, घर के ऑर्गेनिक बैंगन का स्वाद बाजार वाले से सौ गुना बेहतर होता है. 

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सबसे अच्छी बात यह है कि बैंगन को घर पर उगाना बेहद आसान है और इसके पौधों की बहुत ज्यादा तामझाम या एक्स्ट्रा देखरेख भी नहीं करनी पड़ती. बस थोड़ी सी सही जानकारी, सही मिट्टी और सही स्टेप्स को फॉलो करके आप अपने घर की छत या बालकनी में ही बैंगनों की बंपर पैदावार पा सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं गमले में बैंगन का पौधा लगाने का एकदम आसान तरीका.

बीज लगाने का सही तरीका

बैंगन का पौधा लगाने के लिए आपको सबसे पहले किसी अच्छी नर्सरी से बढ़िया क्वालिटी के बीज या छोटे पौधे लाने होंगे. अगर आप बीज से शुरुआत कर रहे हैं, तो सीधे बड़े गमले में लगाने के बजाय पहले किसी छोटी ट्रे या कप में कोकोपीट और वर्मीकंपोस्ट मिलाकर बीज बोएं. 

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ऐसे तैयार करें गमले की मिट्टी

जब पौधे 4 से 5 इंच के हो जाएं तब उन्हें बड़े गमले में शिफ्ट करें. बैंगन के लिए कम से कम 12 से 15 इंच का गमला या ग्रो बैग सबसे बेस्ट रहता है जिससे इसकी जड़ें अच्छे से फैल सकें. गमले की मिट्टी तैयार करते समय 50% सामान्य मिट्टी, 30% गोबर की खाद या केंचुआ खाद और 20% रेत का मिक्सचर बनाएं. इससे मिट्टी एकदम भुरभुरी और उपजाऊ बनेगी. जिसमें पानी बिल्कुल नहीं रुकेगा और पौधे की ग्रोथ एकदम रॉकेट की रफ्तार से होगी.

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धूप और पानी का रखें ध्यान

बैंगन एक ऐसी फसल है जिसे फलने-फूलने के लिए अच्छी खासी धूप की जरूरत होती है. इसलिए अपने गमले को घर की ऐसी जगह पर रखें जहां रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो. पौधे में पानी तभी डालें जब ऊपर की मिट्टी सूखी नजर आए क्योंकि जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. जब पौधे में फूल आने लगें तो हर 15 से 20 दिन में थोड़ी सी खाद जरूर दें जिससे खूब सारे बैंगन लगें. 

होममेड कीटनाशक कर करें इस्तेमाल

रही बात कीड़े-मकोड़ों की, तो घर पर लगे पौधों में केमिकल पेस्टिसाइड्स डालने की बिल्कुल गलती न करें. कीटों से बचाव के लिए हर हफ्ते नीम के तेल को पानी में मिलाकर पौधे पर स्प्रे करें, इससे आपका पौधा एकदम हरा-भरा और बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.

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