Ayushman Card For Farmers: आज के समय में सेहत का ख्याल रखना सबकी पहली प्राथमिकता बन गया है. इसके लिए बहुत से लोग हेल्थ इंश्योरेंस लेकर चलते हैं. लेकिन कई लोग ऐसे भी है जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस लेने लायक बजट नहीं होता है. और इसी के लिए काम आती है केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना जो देश के करोड़ों किसानों और आम परिवारों के लिए एक बड़ा लाइफ सपोर्ट बनकर उभरी है. खेती-किसानी में दिन-रात पसीना बहाने वाले हमारे किसान भाइयों के लिए यह कार्ड किसी वरदान से कम नहीं है. 

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जो उन्हें हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देता है. अक्सर जानकारी की कमी या प्रोसेस मुश्किल लगने की वजह से कई किसान इस बेहतरीन सरकारी सुविधा का फायदा उठाने से चूक जाते हैं. अब आयुष्मान कार्ड बनवाना बेहद आसान हो गया है और इसके लिए आपको बहुत ज्यादा भागदौड़ करने की भी जरूरत नहीं पड़ती है. जान लें इसके लिए कैसे करना होगा आवेदन और किन दस्तावेजों की होगी जरूरत. 

कार्ड बनवाने का एकदम आसान प्रोसेस

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही रास्ते बेहद आसान रखे हैं जिससे हर किसान आसानी से इसे एक्सेस कर सके. सबसे पहला और आसान तरीका है कि आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी जन सेवा केंद्र पर जा सकते हैं. जहां ऑपरेटर आपके दस्तावेजों को चेक करके तुरंत अप्लाई कर देता है.

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इसके अलावा आप खुद आयुष्मान ऐप या नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर खुद भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. वहां आपको बेनेफिशियरी लिस्ट में अपना नाम चेक करना होता है. जिसके बाद आधार ओटीपी या फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन के जरिए आपकी ई-केवाईसी पूरी होती है और आपका डिजिटल कार्ड जेनरेट हो जाता है.

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इन दस्तावेजों को अपने पास तैयार रखें

इस पूरी स्कीम का फायदा उठाने और बिना किसी रुकावट के कार्ड बनवाने के लिए आपको कुछ बेसिक और जरूरी डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ती है. सबसे जरूरी दस्तावेज आपका आधार कार्ड है, जो आपकी पहचान और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है. इसके साथ ही परिवार के सभी सदस्यों के नाम प्रमाणित करने के लिए राशन कार्ड या सरकारी परिवार पहचान पत्र की आवश्यकता होती है.

चूंकि यह कार्ड किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए है. इसलिए अपनी एलिजिबिलिटी साबित करने के लिए किसान सम्मान निधि की पासबुक या लैंड रिकॉर्ड के पेपर्स भी साथ रखने चाहिए. एक एक्टिव मोबाइल नंबर भी पास रखें ताकि वेरिफिकेशन के लिए आने वाला ओटीपी तुरंत मिल सके.

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