श्रीराम भगवान विष्णु के 7वें अवतार कहे जाते हैं लेकिन
क्या आप जानते हैं राम जी को सूर्यवंशी क्यों कहा जाता है.


वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम का जन्म ब्रह्राजी
की 67 पीढ़ियों में हुआ.


प्रभु श्रीराम इक्ष्वाकु वंश में जन्म लिए थे. इक्ष्वाक की स्थापना
सूर्य के पुत्र राजा इक्ष्वाक ने की थी.


यही वजह है कि प्रभु श्रीराम का संबंध सूर्यवंश से था.



इसके अलावा श्रीराम जी को रामचंद्र भी कहा जाता है.
इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है.


रामजी को चंद्रमा बहुत प्रिय था. वह तब तक नहीं सोते थे.
जब तक उनकी मां कौशल्या चंद्रमा का प्रतिबिंब न दिखा दें.


सोने से पहले उनकी माता बिस्तर के बगल में रखे पानी के
पात्र में चंद्रमा का प्रतिबिंब दिखाती थी.


मान्यता है कि इस कारण राम जी को रामचंद्र भी कहा जाता है.



रामजी को रामचंद्र कहे जाने का एक कारण यह भी है कि
हनुमान जी ने रामजी की छवि चंद्रमा के समान बताई है.