जिंदा पीर औरंगजेब को कहा जाता है

औरंगजेब को “जीवित संत” के रूप में भी जाना जाता है

औरंगजेब ने कुरान की आयतें लिखीं और टोपियां सिलने की वजह से जिंदा पीर कहा जाता है

औरंगजेब को कट्टरताओं के लिए भी याद किया जाता है

औरंगजेब का जन्म 1618 ईस्वी में हुआ था

शाहजहां ने पहली बार दक्कन का सूबेदार औरंगजेब को बनाया था

सुधारक नामक हाथी को घायल करने के कारण शाहज़हां ने इनको बहादुर की उपाधि दी थी

औरंगजेब सबसे साहसी मुगल सम्राटों में से एक था

वह कट्टर सुन्नी मुसलमान था

औरंगजेब अपनी धार्मिक नीति की वजह से भी जिंदा पीर के नाम से जाना गया