ईसाई धर्म में शादी चर्च में होती हैं

शादी के दिन दुल्हन को ‘बेस्ट मैन’ फूलों का गुलदस्ता देता है

बेस्ट मैन दूल्हे का नजदीकी दोस्त या रिश्तेदार होता है

दूल्हा-दुल्हन दोनों की ओर से दो-दो गवाह मौजूद होते हैं

फादर, जीसस और गवाहों को साक्षी मानकर शादी की जाती है

इन सभी के सामने लड़का रस्मों के मुताबिक वचन लेता है

पति-पत्नी दोनों अंगूठी बदलते हैं

पादरी प्रार्थना करने के बाद दोनों को आशीर्वाद देता है

पादरी फिर दोनों को पति-पत्नी होने का ऐलान कर देता है

दोनों एक दूसरे के साथ चर्च के बाहर निकलते हैं