गणपति को प्रथम पूजनीय कहा गया है. इनकी पूजा के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं होता है.

बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित है. बुधवार को गणेश जी की पूजा करने से हर संकट का नाश होता है.

बुधवार व्रत की विशेष मान्यता है. बुद्धि, विद्या, धन, ग्रहों की शुभता के लिए बुधवार व्रत बहुत लाभकारी माना गया है.

बुधवार व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू करना श्रेष्ठ है. इसमें 7 या 21 व्रत का संकल्प लें.

बुधवार व्रत में गणेश जी को रोली, मौली, चावल, हल्दी, आदि पूजन सामग्री के साथ दूर्वा, मोदक जरुर चढ़ाएं.

गणेश चालीसा का पाठ करें, ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाये नम:’ मंत्र का 5 माला जाप करें.

विधि विधान से गणपति की पूजा के बाद जरुरतमंदों को हरे मूंग की दाल, वस्त्र आदि दान करें. गाय को चारा खिलाएं

व्रतधारी बुधवार व्रत में नमक से युक्त भोजन ग्रहण न करें. शाम को प्रसाद खाकर ही व्रत का पारण करें.

बुधवार व्रत करने वालों को राहु-केतु परेशान नहीं करते. समस्त कार्य बिना रुकावट के पूरे होते हैं.