वृंदावन के प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचन में ईश्वर,



धर्म और कर्म की बातें बताते हैं.



प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि



कौन-सी आदतें व्यक्ति को बर्बादी के रास्ते पर ले जाती हैं.



प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि खुद की



तारीफ करने वाले लोगों के पुण्य नष्ट हो जाते हैं.



थोड़ा सा अपमान होने पर क्रोध करना स्वयं के विनाश का कारण बनता हैं.



जरूरतमंदों की सहायता ना करने वालों के पुण्य नष्ट हो जाते हैं.



असहाय लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों की दुर्गति निश्चित होती है.



दूसरों को नुकसान पहुंचाना लालच व्यक्ति का सुख-चैन छीन लेता है.