उत्पन्ना एकादशी 8 दिसंबर 2023 को है. इस दिन
विष्णु पूजा का मुहूर्त सुबह 07.01 से सुबह 10.54 तक है


उत्पन्ना एकादशी के दिन श्रीहरि की पूजा में सफेद अक्षत का
उपयोग न करें. इससे दोष लगता है. धन हानि होती है.


श्रीहरि को हल्दी या कुमकुम में रंगकर ही चावल चढ़ाएं.



एकादशी के दिन व्रती घर में चावल न बनाएं, न ही खाएं
कहते हैं इससे वंश पर बुरा असर पड़ता है.


विष्णु जी की पूजा में माधवी, अगस्त्य और लोध के फूल
भी इस्तेमाल न करें. ऐसा करने पर पूजा का फल नहीं मिलता.


विष्णु जी की पूजा में शुद्धता और पवित्रता बहुत जरुरी है
ऐसे में सात्विक चीजों का ही भोग लगाएं, तभी पूजा स्वीकार होगी.


उत्पन्ना एकादशी के दिन श्रीहरि का शंख से ही अभिषेक करें.
इसके अलावा 5 या 7 मुखी दीपक लगाएं.


उत्पन्ना एकादशी का व्रत पारण 9 दिसंबर को दोपहर
01.15 से दोपहर 03.20 के बीच किया जाएगा.