भौकाल – भाई जी अगले का भौकाल एकदम टाइट है
तू तौ पूरा बकैत निकला बे, हर बात पे बक बक!
ज्यादा बकलोली न करो, काम की बात करो!
काहे पचड़े में पड़त हो, लभेड़ मच जाई
गुरु पौव्वा लगवा दिया है तुम्हारे नाम का
हपक – झपट कर लेना या खाना
हर जगह चिकाई न लिया करो, कहीं पकड़ाए गए तौ?
तू तौ निकला फुल खलीफा, सब पे भारी!
ए चिरांद मचाने वाले, चुप हो जाओ अब!
भौकाल भी टाइट और चाल भी चौकस!